कुड़ू़ राज्यभर में एसआइआर मैपिंग, मतदाता सूची सुधार और जनगणना के तहत मकान गणना का कार्य चल रहा है. साथ ही 15वें वित्त आयोग की राशि से पंचायतों में विकास योजनाएं संचालित हैं. चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि इस अवधि में किसी भी कर्मी का तबादला नहीं किया जा सकता. विशेष परिस्थिति में वरीय अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य है. बिना अनुमति जारी हुआ आदेश : इन नियमों को दरकिनार कर कुड़ू के प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव ने एक जून को आदेश जारी कर आधा दर्जन पंचायत सचिवों का तबादला कर दिया. हैरानी की बात यह है कि इसके लिए जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों से न तो अनुमति ली गयी और न ही उन्हें पत्र की प्रतिलिपि भेजी गयी. नियमानुसार पंचायत सचिवों के स्थानांतरण का अधिकार उपायुक्त, उपविकास आयुक्त या जिला पंचायती राज पदाधिकारी को है. इन सचिवों का बदला क्षेत्र : जारी आदेश के तहत कुड़ू पंचायत सचिव मैरी तिग्गा को जिंगी, राजीव कुमार सिंह को जिंगी से चीरी, चीरी पंचायत सचिव सीमा टोप्पो को लावागाई पंचायत भेजा गया है. वहीं, अवध किशोर ओझा को कुड़ू पंचायत का अतिरिक्त प्रभार, शंकर उरांव को लावागाई के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है. प्रभारी बीडीओ ने इन्हें तत्काल प्रभार लेने का निर्देश दिया है. इस आदेश की प्रतिलिपि प्रखंड स्तर के जनप्रतिनिधियों व कर्मियों को तो भेजी गयी, लेकिन जिला मुख्यालय को छोड़ दिया गया. 15 जून के बाद होगा अमल : मामले पर प्रभारी बीडीओ संतोष उरांव ने कहा कि तबादला किया गया है, लेकिन इस पर अमल 15 जून के बाद होगा और जिले को भी प्रतिलिपि भेजी जायेगी.
नियमों को ताक पर रख प्रभारी बीडीओ ने किया पंचायत सचिवों का तबादला
नियमों को ताक पर रख प्रभारी बीडीओ ने किया पंचायत सचिवों का तबादला
