सेन्हा़ प्रखंड मुख्यालय के समीप गुरुवार को राष्ट्रीय आयुष्मान आरोग्य मिशन योजना के तहत स्वास्थ्य शिविर का भव्य आयोजन किया गया. जिला आयुष समिति के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में काफी संख्या में पहुंचे ग्रामीण महिला-पुरुषों की स्वास्थ्य जांच की गयी और उन्हें बीमारियों से बचाव के तरीके बताये गये. देसी चिकित्सा पद्धतियों पर दिया जोर : शिविर में उपस्थित डॉ श्वेता, डॉ रोहित, डॉ सुलेखा और डॉ रंजीत ने ग्रामीणों को पैरों में सूजन, मांसपेशियों में खिंचाव और घुटनों के दर्द के कारणों की जानकारी दी. चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी पद्धतियों से इन बीमारियों का इलाज न केवल प्रभावी है, बल्कि इसके कोई दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) भी नहीं होते हैं. मरीजों को परामर्श देने के बाद मौके पर ही आयुष विभाग की ओर से निःशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करायी गयी. जड़ी-बूटियों से दर्द का निवारण आसान : डॉ श्वेता ने जोड़ों के दर्द पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि आयुर्वेद में विभिन्न जड़ी-बूटियों के माध्यम से गंभीर पुराने दर्द को भी जड़ से ठीक किया जा सकता है. उन्होंने ग्रामीणों को अंग्रेजी दवाओं के बजाय पारंपरिक और सुरक्षित आयुर्वेदिक उपचार अपनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और होम्योपैथी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. शिविर में मौजूद लोग : स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में अनीता देवी, नीलम माधुरी, बालो उरांव, शोभा देवी, श्वेता कुमारी सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभायी. इस दौरान दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी शारीरिक समस्याओं का समाधान प्राप्त किया.
जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में कारगर है आयुर्वेद : डॉ श्वेता
जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में कारगर है आयुर्वेद : डॉ श्वेता
