भंडरा़ लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड में स्थित अखिलेश्वर धाम अपनी ऐतिहासिकता और अद्वितीय वास्तुकला के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. लोक मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने मात्र एक रात में किया था. आठवीं शताब्दी से जुड़े इस मंदिर का पुनर्निर्माण रातू महाराज वैरीसाल ने कराया था. अद्वितीय है तीन फीट का नीला शिवलिंग : मंदिर के गर्भगृह में तीन फीट ऊंचा दुर्लभ नीले रंग का शिवलिंग स्थापित है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यहां सच्चे मन से की गयी पूजा से नि:संतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है. हालांकि, मुगल काल के दौरान इस मंदिर को लूटपाट और विध्वंस का सामना करना पड़ा था, जिसमें मंदिर के स्वर्ण द्वार और घंटियां लूट ली गयी थीं, लेकिन शिवलिंग की महिमा आज भी अक्षुण्ण है. सावन और शिवरात्रि पर उमड़ता है जनसैलाब : यूं तो यहां सालों भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन सावन और महाशिवरात्रि पर विशेष भीड़ उमड़ती है. यह धाम न केवल धार्मिक केंद्र है, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर भी है. कैसे पहुंचें : राजधानी रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित इस धाम तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है. नजदीकी रेलवे स्टेशन लोहरदगा है, जो रांची और टोरी से सीधा जुड़ा हुआ है.
अखिलेश्वर धाम : एक रात में भगवान विश्वकर्मा ने किया था निर्माण
अखिलेश्वर धाम : एक रात में भगवान विश्वकर्मा ने किया था निर्माण
