लोहरदगा : सीपीआइएम द्वारा चीरी गोली कांड में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी और एक मिनट का मौन रखा गया. इस दौरान शपथ लिया गया कि भूमि के लिए संघर्ष चलता रहेगा.
मौके पर नेताओं ने कहा कि काॅरपोरेट घरानों और सरकार की मिलीभगत से आदिवासियों एवं मूलवासियों की जमीन लूटी जा रही है. दो जून 1968 को जमीन के सवाल पर ही संघर्ष हुआ था और गोलीकांड में लोग शहीद हुए थे. आज भी शहीद परिवारों को सरकार की ओर से कोई भी सहायता नहीं दी गयी, और न ही मुआवजा दिया गया. शहीद एतवा उरांव के पुत्र मंगरा उरांव बेबसी का जीवन जीने को विवश है. मौके पर भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के सचिव दिलीप कुमार वर्मा, चारो भगत, मठा उरांव, जयपाल उरांव, बंस लोचन लोहरा, सुरेंद्र मुंडा, रामजीत भगत, मंगरा मुंडा, भौरा मुंडा, बिगन साहू आदि शामिल थे.
