कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के अति पिछड़े सलगी पंचायत के चूल्हापानी गांव को किसी तारणहार का इंतजार है. जो गांव की दशा व दिशा बदलते हुए ग्रामीणों को सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवा बहाल करा सके. ग्रामीण मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर काफी उत्साहित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सीएम चार जून को चूल्हापानी में आयोजित गंगा-दशहरा के मौके पर सलगी के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होनेवाले हैं. सीएम के आगमन से गांव की तसवीर जरूर बदलेगी.
प्रखंड मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर तीन पहाड़ों के पार स्थित गांव में ना तो सड़क है, ना पीने के पानी की सुविधा. स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव में 11 लाभुकों का शौचालय बनाया गया. सभी शौचालयों का हाल बेहाल है, सभी से छप्पर गायब है. खम्हार बहेरा माडर से गांव जाने के लिए कोई सड़क नहीं है. पहाड़ी पगडंडी के सहारे ग्रामीण गांव तक जाते हैं. पिछले दिनों प्रशासन ने गांव तक जाने के लिए पहाड़ी पगडंडी को सड़क का रूप देने का प्रयास किया था. पैदल व मोटरसाइकिल चलने लायक सड़क बनायी गयी थी, लेकिन दो दिनों से हो रही बारिश से बनायी गयी सड़क बह गयी . नतीजा मोटरसाइकिल जाना असंभव हो गया है .
दामोदर नद के उदगम स्थल का पानी गांव के लोग व मवेशी दोनों पीते है . गांव के ग्रामीणो का मुख्य पेशा लकड़ी बेचना , बीड़ी पता बेचना रह गया है . आजादी के 70 साल बाद भी गांव के ग्रामीणों के लिए बिजली सपना बनकर रह गया है . कुल मिला कर गांव के ग्रामीणों के लिए मुख्यमंत्री का सलगी आगमन किसी हसीन सपने से कम नही है .
