चुआं के पानी को सोलर पाइप लाइन के सहारे पहुंचा दिया पहाड़ों पर

डीसी का प्रयास रंग लाया, मिल रहा लोगों को पानी लोहरदगा : एक ओर जहां पूरा इलाका जल संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के उग्रवाद प्रभावित एवं पठारी क्षेत्र पेशरार एवं किस्को प्रखंड में जिले के उपायुक्त के प्रयास से लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है. पेशरार एक्शन प्लान […]

डीसी का प्रयास रंग लाया, मिल रहा लोगों को पानी
लोहरदगा : एक ओर जहां पूरा इलाका जल संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के उग्रवाद प्रभावित एवं पठारी क्षेत्र पेशरार एवं किस्को प्रखंड में जिले के उपायुक्त के प्रयास से लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है. पेशरार एक्शन प्लान के तहत झरना से सोलर आधारित छह जलापूर्ति योजना इस इलाके में क्रियान्वित की गयी है. इसमें प्राकृतिक स्रोत से पानी इकट्ठा कर उसे फिल्ट्रेशन वेल में जमा कर सोलर के माध्यम से पठारी इलाके के गांवों में पहुंचाया जा रहा है. यह काम काफी दुरूह था, लेकिन डीसी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ खुद इन इलाकों में भ्रमण कर लोगों की समस्या को जाना. ग्रामीणों ने बताया कि इन इलाकों में पानी की समस्या आजादी के बाद से ही है.
पठारी इलाका होने के कारण यहां के चापाकल बहुत ज्यादा टिकाऊ नहीं होते हैं. कुआं खोदे नहीं जा सकते हैं. लोगों को दूषित जल पीने के लिए विवश होना पड़ता है, जिससे असंख्य बीमारियां होती हैं और लोग असमय काल के गाल में समा जाते हैं. उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता रेयाज आलम को निर्देश दिया कि चाहे किसी भी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध करायें.
इन इलाकों में बोरिंग वाली गाड़ी नहीं पहुंच सकती है. कार्यपालक अभियंता ने विभाग के सहायक अभियंता गोविंद कच्छप, कनीय अभियंता जहींद्र भगत के साथ मिलकर किस्को प्रखंड के पाखर पंचायत के डुमरपाट, सरना पाट, पोखरा पाट, बंगला पाट एवं पेशरार प्रखंड के बोंडोबार पंचायत के हरकट्ठा एवं दुहुदाग में छह सोलर आधारित जलापूर्ति योजना को धरातल पर उतारा. पहाड़ी इलाके में आज इस योजना के क्रियान्वित हो जाने से हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब उनके घर तक पाइप से पानी पहुंचने लगा है. ग्रामीण काफी खुश हैं, चूंकि इस इलाके में विलुप्त प्रजाति के लोग ज्यादा निवास करते हैं, इसलिए प्रशासन ने ध्यान दिया.
इस संबंध में जिले के उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि मैं पहली बार उस इलाके में गया और लोगों को दूषित जल का उपयोग करते देखा तो मुझे काफी तकलीफ हुई. मैंने उसी समय निश्चय किया कि इन इलाकों में चाहे जैसे भी हो, मैं शुद्ध पेयजल पहुंचाउंगा. लगभग नौ लाख रुपये से एक योजना क्रियान्वित की गयी और इसका भरपूर लाभ ग्रामीण उठा रहे हैं.
अन्य स्थानों में भी इस तरह की व्यवस्था की जा रही है. उपायुक्त विनोद कुमार ने बताया कि आपदा प्रबंधन से 110 नलकूप लगाना था जिसमें से पेशरार प्रखंड में 64 नलकूप लगाने का काम लगभग अंतिम चरण में है. इन नलकूपों के लग जाने से इस इलाके के लोगों को और सुविधा होगी.

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