नदी में पांच फीट खोदने के बावजूद पानी जमा नहीं हो रहा है
कुडू (लोहरदगा) : रमी असर दिखाने लगी है. सोमवार को तापमान 41 डिग्री रिकार्ड किया गया. गरमी का आलम यह है कि नदी, तालाब, नहर, अहरा, बांध सभी सूख गये हैं. जिन तालाबों मे थोड़ा बहुत पानी था, उसे ठेकेदारी के लिए सुखा दिया गया. आलम यह है कि पानी पाताल पहुंच गया है.
सबसे ज्यादा परेशानी नहाने कपड़ा धोनेवाले ग्रामीणों, मवेशियों को हो रहा है. इन सब से ज्यादा परेशान किसान हैं, खेत में लगी सब्जी की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है. प्रखंड की 14 पंचायतों मे आधे से ज्यादा पंचायतों में सब्जी की फसल व्यापक पैमाने पर होती है. प्रखंड के चंदलासो , ककरगढ़ , जिंगी, लावांगाई, उडुमुडू, पंडरा, कोलसिमरी, सुंदरू, बड़की चांपी समेत कई पंचायतों के दर्जनों गांव के खेतों में टमाटर, खीरा, कद्दू, बीन, बंदगोभी, फूलगोभी कई सब्जी की फसल लगी है.
सिंचाई के लिए खोदा गया कुआं, तालाब, अहरा ,बांध सूख गया है. सिंचाई के अभाव में फसल सूखने के कगार पर पहुंच गयी है. किसानो ने फसलों को बचाने के लिए सूखे नदी मे मशीन से गड्ढा खोद रहे है.
लेकिन पानी का लेबल इतना नीचे चला गया है कि नदी में पांच फीट खोदने के बावजूद पानी जमा नहीं हो रहा है. किसानों ने बताया कि मई माह मे इतनी गरमी कभी नही पड़ी थी. फसल चौपट हुई, तो किसानों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ जायेगी. दूसरी तरफ दक्षिण कोयल नदी भी सूख गयी है.
