मौसमी बीमारियों ने पैर पसारा, मरीजों की संख्या बढ़ी

लोहरदगा :बरसात पहुंचते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है. सदर अस्पताल में सर्दी ,खांसी, जुकाम, टायफायड, निमोनिया, मलेरिया आदि बीमारियों के मरीज काफी संख्या में सदर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैंं. सदर अस्पताल में अन्य मौसम में जहां मरीजों की संख्या रोजाना 200- 250 पहुंच रही थी. बरसात पहुंंचते ही […]

लोहरदगा :बरसात पहुंचते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है. सदर अस्पताल में सर्दी ,खांसी, जुकाम, टायफायड, निमोनिया, मलेरिया आदि बीमारियों के मरीज काफी संख्या में सदर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैंं. सदर अस्पताल में अन्य मौसम में जहां मरीजों की संख्या रोजाना 200- 250 पहुंच रही थी.

बरसात पहुंंचते ही मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. जिसमें अधिकतर मरीज मौसमी बीमारियों के ही होते हैं. सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की सेवा उपलब्ध नहंीं होने के कारण लोग परेशान हैं. मौसमी बीमारियों का प्रभाव सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखने को मिल रहा है. ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर मरीज झोला छाप डाक्टरों से इलाज कराने को वि वश हैं.

कई सरकारी चिकित्सक शहर में अपने फलते-फूलते व्यवसाय को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रांे में जाना नहीं चाहते जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है. सिविल सर्जन डॉ विरोनेन तिर्की का कहना है कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में उचित चिकित्सीय सुविधाएं दी जा रही हैं. पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रसास किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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