लोहरदगा में करम पूर्व संध्या पर थिरके कदम, 45 नृत्य मंडलियों ने जीवंत की आदिवासी संस्कृति

लोहरदगा में करम पूर्व संध्या पर 45 नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक नृत्य-संगीत से आदिवासी संस्कृति को जीवंत किया. आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना रहा.

लोहरदगा. केंद्रीय सरना समिति लोहरदगा के तत्वावधान में सोमवार को करम पूर्व संध्या सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया. जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं करीब 45 नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया. आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपरा और संस्कृति से जोड़ना रहा.

प्रकृति और भाई-बहन के रिश्ते का पर्व है करम

मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति का उपासक है. करम पर्व धार्मिक आस्था के साथ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि करम डाली आदिवासी जीवन, प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ाव को दर्शाती है. उन्होंने युवाओं से भाषा, संस्कृति, परंपरा, नृत्य और संगीत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.

सांसद सुखदेव भगत ने करम पर्व को झारखंड की पहचान और आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि करम पर्व सामूहिकता और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है. जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने कहा कि पारंपरिक नृत्य-गीत समाज के इतिहास और पूर्वजों की जीवनशैली को आगे पहुंचाने का माध्यम हैं.

पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने दी प्रस्तुति

समारोह में कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे. उन्होंने ढोल, मांदर, नगाड़ा और घंट की थाप पर करम गीत और नृत्य प्रस्तुत किया. बड़े वर्ग के सामूहिक नृत्य में कस्तूरबा कॉलेज छात्रावास की टीम प्रथम, छात्रावास संख्या-1 व 3 की टीम द्वितीय और छात्रावास संख्या-2 की टीम तृतीय रही.

बच्चों के सामूहिक और एकल वर्ग के प्रतिभागियों को नगाड़ा, मांदर, घंट समेत अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्र देकर पुरस्कृत किया गया.

समारोह में पूर्व प्राचार्य लोहरा उरांव, प्रो शशि गुप्ता, सरिता उरांव, माझी सर, सुमन कुजूर समेत केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक, पदाधिकारी, बुद्धिजीवी और छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By गोपी कृष्ण

गोपी कृष्ण वर्तमान में ब्यूरो प्रमुख हैं. समाज में व्याप्त समस्याओं, भ्रष्टाचार, अंधविश्वास, महिला उत्पीड़न, पलायन को लेकर काम में रूचि है. बहुत काम किया है.

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