:::::: अभी तो यही थे, कहां चले गये

लोहरदगा. शहरी क्षेत्र के लुथरन स्कूल बूथ के बाहर मेला सा माहौल था. ठेला, खोमचा लगे थे. विभिन्न राजनीतिक दल के समर्थक वहां थे. वोट देने के बाद कुछ युवक बड़े परेशान होकर किसी को ढूंढ रहे थे. जब उनसे लोगों ने पूछा कि किसे ढूंढ रहे हैं तो उन लोगों ने कहा कि वो […]

लोहरदगा. शहरी क्षेत्र के लुथरन स्कूल बूथ के बाहर मेला सा माहौल था. ठेला, खोमचा लगे थे. विभिन्न राजनीतिक दल के समर्थक वहां थे. वोट देने के बाद कुछ युवक बड़े परेशान होकर किसी को ढूंढ रहे थे. जब उनसे लोगों ने पूछा कि किसे ढूंढ रहे हैं तो उन लोगों ने कहा कि वो कहां चले गये जो अभी वोट देने के पहले कहे थे कि फलां छाप मे वोट देकर आव खरचा-पानी देंगे. वे जहां बोले थे वोट दे दिये. अब वे नजर ही नहीं आ रहे हैं. इसी बीच उन्हीं के साथ का एक युवक बोलता है बेकारे वोटवा दे दिये उ तो हमलोग को बेवकूफ बना दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >