पर्यटक कभी लेते थे वोटिंग का आनंद

लोहरदगा : जिले के भंडरा तथा कैरो प्रखंड क्षेत्र में स्थित नंदनी जलाशय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित नहीं हो सका. हालांकि यहां नववर्ष मनाने काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं. नंदनी जलाशय के किनारे सखुआ का जंगल पर्यटकों को आकर्षित करता है. यहां सिर्फ लोहरदगा ही नहीं बल्कि रांची, गुमला से भी लोग […]

लोहरदगा : जिले के भंडरा तथा कैरो प्रखंड क्षेत्र में स्थित नंदनी जलाशय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित नहीं हो सका. हालांकि यहां नववर्ष मनाने काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं. नंदनी जलाशय के किनारे सखुआ का जंगल पर्यटकों को आकर्षित करता है. यहां सिर्फ लोहरदगा ही नहीं बल्कि रांची, गुमला से भी लोग नववर्ष पर पिकनिंक मनाने आते हैं.
नंदनी जलाशय को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए तत्कालीन उपायुक्त आराधना पटनायक ने प्रयास किया था. आराधना पटनायक ने नंदनी जलाश्य को पर्यटक स्थल एवं क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से यहां वोटिंग की व्यवस्था करायी थी. उनके द्वारा कुछ हैंडवोटिंग मशीन तथा कुछ इंजन लगा वोटिंग मशीन मंगाया गया था.
नववर्ष पर लोगों ने इसका खूब आनंद भी लिया था. लेकिन उनका तबादला होने के बाद धीरे-धीरे नंदनी जलाशय को पर्यटक स्थल बनाने का मामला ठंडा पड़ता गया. अब स्थिति यह है कि उस समय मंगाया ���या वोटिंग मशीन अब कबाड़ खाना में तब्दील हो गया है. आराधना पटनायक द्वारा प्रयास किया गया था कि लोग नंदनी जलाशय में आनंद बिहार करेंगे.
स्थानीय लोगों के जिम्मे दी गयी वोटिंग मशीन से स्थानीय युवकों को कुछ आर्थिक लाभ भी हो जायेगा. लेकिन धीरे-धीरे यह सोच समाप्त हो गया. नंदनी जलाशय में आज भी स्थानीय लोग वर्ष के अंत में तथा नववर्ष पर काफी संख्या में पहुंचते हैं और मनोरम दृश्य का आनंद उठाते हैं.
यह जलाशय प्रवासी साइबेरियन पक्षियों के जल क्रीड़ा का स्थल भी था. कुछ वर्ष पूर्व यहां झुंड का झुंड साइबेरियन पक्षी दिसंबर माह में आते थे. साइबेरियन पक्षियों के कलरव से पूरा इलाका गूंजता था लेकिन हाल के वर्षों में साइबेरियन पक्षियों का आना लगभग बंद हो गया है. जिससे नंदनी जलाशय वीरान नजर आता है.विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम के प्रतिकूल प्रभाव के कारण यहां विदेशी मेहमान नहीं पहुंच रहे हैं.
नंदनी जलाशय नगजुआ स्टेशन से उतर कर अंबा के रास्ते पहुंचा जा सकता है. भंडरा की ओर से भंडरा थाना के रास्ते तीन किलोमीटर की दूरी तय कर नंदनी जलाशय पहुंच सकते हैं. आकाशी स्टेशन से मात्र ढेड़ किलोमीटर की दूरी पर नंदनी जलाशय बना हुआ है. नंदनी जलाशय से निकली तीनों नहरों के बीचो-बीच बना मंदिर लोगों को और भी आकर्षित करता है.

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