लोहरदगा : जिले में ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक गणेश महोत्सव पूरे भक्तिभाव व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. भक्तों ने गणपति जी की पूजा-अर्चना कर उन्हें मोदक का भोग लगाया. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गयी. विघ्नहर्ता गणपति की पूजा के लिए विभिन्न स्थानों […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
लोहरदगा : जिले में ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक गणेश महोत्सव पूरे भक्तिभाव व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. भक्तों ने गणपति जी की पूजा-अर्चना कर उन्हें मोदक का भोग लगाया. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गयी. विघ्नहर्ता गणपति की पूजा के लिए विभिन्न स्थानों पर पंडालों को आकर्षक ढंग से सजा कर गणपति की प्रतिमा स्थापित की गयी है.
शहरी क्षेत्र के बाल्मिक नगर, बड़ा तालाब के समीप, पतरा टोली, देव स्थल शांति नगर, किस्को मोड़, मिशन चौक, राणा चौक, वीर शिवाजी चौक आदि स्थानों पर भव्य व आर्कषक पंडाल का निर्माण किया गया है. जहां विघ्नहर्ता गणपतिजी का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु भक्तजनों का तांता लगा रहा.
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी भगवान गणेश की पूजा पूरे भक्ति भाव से की गयी. भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन को विनायक चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है. यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. गणेश महोत्सव की तैयारी में लोग काफी पहले से लग जाते हैं. महोत्सव के दौरान सभी पंडालों में गणेश भजन, गणपति महोत्सव की धुन से पूरा शहर गुंजायमान हो रहा है. 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत दो सितंबर से हुई है.