लोहरदगा व रांची जिला को जोड़ती है यह सड़क
कैरो : लोहरदगा व रांची जिला को जोड़ने वाली सड़क खरता से मेलानी की स्थिति जर्जर है. सड़क पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है. इस सड़क का निर्माण लगभग 30 वर्ष पूर्व एकीकृत बिहार के समय हुआ था. मिटी मोरम डाल कर सड़क को चलने लायक बनाया गया था. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बरसात में बारिश का पानी बहने से सड़क में डाला गया मोरम बह चुका है.
अब पहाड़ी से निकले पत्थर के बीचों-बीच चलना पड़ रहा है. यह सड़क लोहरदगा जिले के खरता, टाटी, सढ़ाबे, एड़ादोन, बक्सी, चाल्हो, गजनी, महवरी समेत अन्य गांवों को रांची जिले के चान्हो प्रखंड से जोड़ता है. इस सड़क से दर्जनों गांवों के विद्यार्थी रांची पढ़ने व किसान सब्जी लेकर रोजाना जाते है. लोगों का कहना है कि सरकार एक ओर सड़कों का निर्माण कर आवागमन को सुगम बनाने का दावा करती है, वहीं अंतर जिला सड़क की स्थिति जर्जर है. यह सड़क चलने लायक नहीं रह गयी है.
सड़क के अभाव में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. जिला प्रशासन दो जिले का बॉर्डर सड़क होने के कारण ध्यान नहीं दे रही है.
यदि इस सड़क का मरम्मत करा दी जाये, तो दो जिले के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. ग्रामीण शनिया उरांव, चरवा उरांव, राजेश यादव, बीरबल महली, बुल्लू महतो, खुदी उरांव समेत अन्य लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हो जाये, तो इस क्षेत्र के लोग भी व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकते है.
