लातेहार ़ जिला मुख्यालय के धर्मपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में वार्षिक शिशु वाटिका आचार्य कार्यशाला के तीसरे दिन हिंदी व्यंजन वर्ण से बने शब्दों, चित्रों और वर्णों को कंप्यूटराइज निकालकर उसकी साज- सज्जा की गयी. इस से छात्र-छात्राओं को शब्दों और चित्रों को पहचानने में मदद मिलेगी. विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव राजीव रंजन पांडेय ने इसका अवलोकन किया और इससे संबंधित जानकारियां वाटिका की सभी आचार्य के साथ साझा किया. इसके पूर्व मंगलवार को कार्यशाला के दूसरे दिन न्यूजपेपर से छोटे-छोटे कटोरी और टोकरी का निर्माण किया गया. प्रधानाचार्य उत्तम मुखर्जी ने बताया कि कार्यशाला की पूर्व योजना एक माह पूर्व बननी चाहिए साथ ही साथ इसकी सामग्री की सूची, किस दिन कौन सी सामग्री का निर्माण करना है सभी बनना चाहिए. साथ ही इस तरह की सामग्री निर्माण करना चाहिए जो कक्षा द्वितीय तक काम आ सके. कक्षा द्वितीय तक के पाठ्य-पुस्तकों का अध्ययन कर उसके अनुसार शिक्षण सामग्री की सूची पूर्व से ही बना कर रखनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर वर्ष में दो-तीन बार भी कार्यशाला का आयोजन करना चाहिए. मौके पर गीता कुमारी, नीलम अंबस्टा, पूनम गुप्ता, शिल्पा कुमारी, नीलम कुमारी, रूबी कुमारी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
कार्यशाला में हिंदी वर्ण से शब्दों की हुई साज-सज्जा
कार्यशाला में हिंदी वर्ण से शब्दों की हुई साज-सज्जा
