गरिमा केंद्र खुलने से अब प्रखंड में ही मिलेगा पीड़ित महिलाओं को न्याय

गरिमा केंद्र खुलने से अब प्रखंड में ही मिलेगा पीड़ित महिलाओं को न्याय

महुआडांड़़ प्रखंड के जेएसएलपीएस कार्यालय में सोमवार को जेंडर रिसोर्स सेंटर (गरिमा केंद्र) का विधिवत शुभारंभ किया गया. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि सह अतिरिक्त सचिव (सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार) आइएएस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने फीता काटकर किया. इससे पूर्व आदिवासी वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने स्वागत नृत्य और गान के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया. त्वरित और सुलभ न्याय सुनिश्चित करना लक्ष्य : मौके पर आइएएस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और पीड़ित वर्गों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित और सम्मानजनक न्याय दिलाना है. अब घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, सामाजिक भेदभाव और उत्पीड़न जैसे मामलों की सुनवाई के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि प्रखंड स्तर पर ही ””””गरिमा केंद्र”””” में इनका समाधान किया जायेगा. प्रसंस्करण इकाई से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्य अतिथि ने जेएसएलपीएस से जुड़े 42 महिला समूहों के बीच दो-दो लाख रुपये (कुल 84 लाख) की परिसंपत्ति का वितरण किया. इसके अलावा रामपुर स्थित कृषि फार्म में जीरा फूल चावल एवं मूंगफली प्रसंस्करण इकाई केंद्र का भी उद्घाटन हुआ. इसका संचालन नेतरहाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जायेगा, जिससे स्थानीय किसानों को रोजगार और बेहतर आय के अवसर मिलेंगे. इस मौके पर डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, डीपीआरओ श्रेयांस, एसडीओ बिपिन कुमार दुबे, बीडीओ संतोष बैठा, जिला प्रबंधक रोजालिया लकड़ा सहित जेएसएलपीएस के कर्मी और काफी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shailesh ambashtha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >