बेतला़ मनरेगा के तहत मजदूरों को पिछले तीन महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है. जिससे मनरेगा मजदूरों को काफी परेशानी हो रही है. मनरेगा में कार्यरत मजदूर पलायन को विवश हो गये हैं. मनरेगा मजदूरों के मजदूरी बकाया होने का वास्तविक कारण किसी को पता नहीं है. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को पर्याप्त फंड जारी नहीं करने के कारण भुगतान में देरी हो रही है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि सरकार मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी करने और इसके नियमों में बदलाव करने की प्रक्रिया में है, जिससे कार्यान्वयन में बाधा आ रही है. बरवाडीह प्रखंड के केचकी पंचायत में आम बागवानी, इसीबी, कुआं निर्माण सहित कई अन्य योजनाओं में काम कराया गया है जिसमें कार्यरत मजदूरों के समक्ष भुखमरी जैसी स्थिति बन गयी है. क्या कहते हैं मुखिया : इस संबंध में मुखिया बुद्धेश्वर सिंह ने कहा कि मामले से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया गया है. मजदूरों के सामने भी विकट स्थिति बन गयी है. मजदूर काम करने के बाद मजदूरी के लिए आस लगाये बैठे हैं. मजदूरी भुगतान नहीं होने से सबसे अधिक असर आम बागवानी पर पड़ेगा क्योंकि पैसा नहीं मिलने से मजदूर काम करने से कतरायेंगे.
मनरेगा मजदूरों का तीन माह से नहीं हुआ है मजदूरी का भुगतान
मनरेगा मजदूरों का तीन माह से नहीं हुआ है मजदूरी का भुगतान
