बालूमाथ़ सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियाखांड़ कोलियरी में सोमवार को हाइवा वाहनों के परिचालन को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया. पीएनएलएम कंपनी द्वारा फेस-टू-साइडिंग तक कोयला परिवहन की योजना का विरोध करते हुए रैयतों ने स्पष्ट किया कि जिस रास्ते से हाइवा चलाने की तैयारी है, वहां लगभग 34 एकड़ भूमि स्थानीय ग्रामीणों की है. वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन से परिचालन नहीं होने देंगे. इस संबंध में पिकेट प्रभारी को सौंपे आवेदन में ग्रामीणों ने कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि पिछले पांच वर्षों से कोयला निकासी के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है. कोयले में मिट्टी और पत्थर मिलाकर निकासी की जा रही है, जिससे इसकी कीमत प्रभावित हुई है और लगभग 700 ट्रकों से जुड़े परिवारों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी निजी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ट्रकों को बंद करना चाहती है. साथ ही कम दर पर टेंडर लेने और कोयले के स्टॉक में जानबूझकर आग लगाकर ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रचने की आशंका भी जतायी गयी. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में 35 वर्षों से सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं है, फिर भी जनविरोधी नीतियां थोपी जा रही हैं. उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. मौके पर बाली यादव, दिनेश यादव,रविंद्र यादव, कमलेश सिंह, अजीत कुमार, दीपू गुप्ता, हीरालाल यादव, प्रभु साव, परदेशी राम, निरंजन कुमार, जितेंद्र यादव, अजय साव, कुलदीप यादव, अशोक यादव, राकेश, गुड्डू, बीरू, पिंटू, पप्पू यादव, अरविंद यादव, वीरेंद्र यादव,मंटू साव,सकलदीप सहित कई ग्रामीण मौजूद थे.
तेतरियाखांड़ कोलियरी में हाइवा संचालन का ग्रामीणों ने किया विरोध
तेतरियाखांड़ कोलियरी में हाइवा संचालन का ग्रामीणों ने किया विरोध
