रूद गांव में धार्मिक अनुष्ठान बंद होने से ग्रामीण चिंतित, डीसी से गुहार

रूद गांव में धार्मिक अनुष्ठान बंद होने से ग्रामीण चिंतित, डीसी से गुहार

लातेहार ़ जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत बरवाटोली पंचायत के रूद गांव में पारंपरिक पूजा-पाठ बंद होने से ग्रामीणों में गहरा रोष और भय व्याप्त है. दशकों से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपा है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सुख-शांति के लिए होने वाले अनुष्ठान पारिवारिक विवाद की भेंट चढ़ गये हैं. तीन माह से बंद है पूजा, अनिष्ट की आशंका : उपायुक्त को दिए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सरहुल, कर्मा, होलिका दहन और सावन सप्तमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व पाहन द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराये जाते थे. हालांकि, पिछले तीन महीनों से ये तमाम गतिविधियां ठप हैं. ग्रामीणों का दावा है कि पूजा बंद होने के कारण गांव में कई अशुभ घटनाएं घटित हो चुकी हैं, जिससे भविष्य को लेकर लोग सशंकित हैं. पाहन परिवार के विवाद में फंसी जमीन : शिकायत के अनुसार, पूजा-अर्चना के लिए गांव में लगभग 33.47 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जो वर्तमान में पाहन परिवार के कब्जे में है. ग्रामीणों ने मनोज पाहन, निर्मल पाहन, अशोक पाहन सहित परिवार के अन्य सदस्यों पर आरोप लगाया है कि आपसी कलह के कारण वे धार्मिक दायित्वों का निर्वह्न नहीं कर रहे हैं. प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग : ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर परंपराओं को बहाल कराने की मांग की है. मौके पर भगवती देवी, मुरारी महतो, संजय भारती, देवेंद्र महतो, गणेश ठाकुर, विजय साहू, मनोज राव, चरण ठाकुर, अजीत उरांव, संजय उरांव, हरमन तिर्की, मालती देवी, सीता देवी, पूनम देवी समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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