बालूमाथ़ एनटीपीसी कंपनी के कोल ब्लॉक आवंटन के बाद आगामी एक जून को होने वाली पर्यावरणीय जनसुनवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को चितरपुर, नावाडीह, बिशनपुर, भैंसादोन, गेरेंजा, हराफू व पिंडारकोम समेत कई गांवों के ग्रामीण एकजुट हुए और सुबह 11 बजे से रांची-चतरा मुख्य पथ को गेरेंजा चौक के समीप जाम कर दिया. ग्रामीण चिलचिलाती धूप में सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गये. उनके हाथों में जनसुनवाई रद्द करो, आदिवासियों पर जुल्म बंद करो, कंपनी की मनमानी नहीं चलेगी जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां थीं. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कामेश्वर उरांव, बसंती देवी व शंकर उरांव ने कहा कि बगैर ग्राम सभा की अनुमति के अंचल कार्यालय में जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह गलत है. पेसा कानून का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. सीओ व थाना प्रभारी ने की वार्ता : सड़क जाम की सूचना मिलने पर सीओ बालेश्वर राम और थाना प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने जामकर्ताओं से वार्ता की, इसके बाद ग्रामीणों ने जनसुनवाई रद्द करने की मांग को लेकर उन्हें उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा. सीओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनका यह ज्ञापन जल्द ही उपायुक्त तक पहुंचा दिया जायेगा और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी. आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब चार बजे ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया. मौके पर ग्राम प्रधान बनारस उरांव, बिहारी यादव, परमेश्वर उरांव, बालेश्वर गंझू, मुनेश्वर भुइयां, प्रदीप उरांव, पवन उरांव, मनोज यादव, सोमी देवी, राजमणि देवी, सोनामणि देवी, प्रीति देवी व प्रमिला देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे.
एनटीपीसी की जनसुनवाई के विरोध में पांच घंटे सड़क जाम, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
एनटीपीसी की जनसुनवाई के विरोध में पांच घंटे सड़क जाम, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
