लातेहार ़ जिले में पिछले दो दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. सूर्य की तपिश के कारण लातेहार का पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. इस भीषण गर्मी का सीधा असर स्थानीय जलस्रोतों पर पड़ा है. जिला मुख्यालय की लाइफलाइन कही जाने वाली औरंगा नदी सूखने के कगार पर है, जबकि जायत्री नदी पहले ही अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है. इसके कारण शहर का भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे पेयजल संकट गहराने लगा है. अस्पतालों में बढ़ी भीड़, दोपहर में सड़कें सूनी : अत्यधिक गर्मी और हीट वेव के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. लोग धूप और लू से बचने के लिए गमछा, तौलिया और छाते का सहारा ले रहे हैं. लोग केवल जरूरी काम से ही दोपहर में घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. हालांकि, मंगलवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण सड़कों पर थोड़ी चहल-पहल दिखी. राहत के लिए खुले प्याऊ : चिलचिलाती धूप से राहगीरों को राहत दिलाने के लिए प्रधान जिला जज, जिला प्रशासन और नगर पंचायत के सहयोग से जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की गयी है. वहीं, बाजार में खीरा, ककड़ी, तरबूज और ठंडे पेय पदार्थों की मांग काफी बढ़ गयी है. वर्तमान में बाजार में खीरा व तरबूज 30 रुपये और ककड़ी 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है. इसके अलावा, सत्तू पानी व गन्ने का रस 20 रुपये प्रति गिलास और लस्सी विभिन्न दामों पर धड़ल्ले से बिक रही है.
42 डिग्री के पार पहुंचा पारा, औरंगा नदी सूखने के कगार पर
42 डिग्री के पार पहुंचा पारा, औरंगा नदी सूखने के कगार पर
