लातेहार ़ झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने शुक्रवार को लातेहार पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ जिले में नक्सल और अपराध की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित इस बैठक में डीजीपी ने जिले में उग्रवादी गतिविधियों की गहन जानकारी ली और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस गश्त और सक्रियता तेज करने का निर्देश दिया. अफीम खेती के खिलाफ और क्राइम कंट्रोल पर पुलिस की थपथपाई पीठ : बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि वह जमीनी परिस्थितियों से अवगत होने के लिए लातेहार आयीं हैं. जिले में सक्रिय बचे-खुचे नक्सलियों और उग्रवादियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वे हिंसा छोड़ आत्मसमर्पण करें और सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ उठाकर समाज की मुख्य धारा में लौटें, ताकि अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन बिता सकें. उन्होंने क्राइम कंट्रोल, मिसिंग पर्सन (लापता लोगों की खोज) और अफीम की खेती के खिलाफ जिला पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियानों की सराहना करते हुए डीआइजी और एसपी के कामकाज को बेहतर बताया. गॉड ऑफ ऑनर से स्वागत : इससे पूर्व लातेहार पहुंचने पर डीजीपी को जिला पुलिस बल ने गॉड ऑफ ऑनर दिया. इसके बाद उपायुक्त संदीप कुमार और पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने उन्हें बुके व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया. बैठक में पलामू रेंज के डीआइजी कौशल किशोर, डीडीसी सैय्यद रियाज अहमद, एसडीपीओ बिरेंद्र राम, संदीप गुप्ता और थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.
शेष बचे नक्सली मुख्य धारा में लौटकर परिवार के साथ अच्छा जीवन गुजारें : डीजीपी
शेष बचे नक्सली मुख्य धारा में लौटकर परिवार के साथ अच्छा जीवन गुजारें : डीजीपी
