नक्सली रविंद्र गंझू की पत्नी ने पुलिस से की भावुक अपील, वीडियो में देखें... क्या कहा?

Ravindra Ganjhu wife Apeal: 20 लाख के इनामी माओवादी रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी ने पुलिस से भावुक अपील करते हुए पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में कार्रवाई हो और उनके सुहाग की रक्षा की जाए.

Ravindra Ganjhu wife Apeal: झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत लाधुप पंचायत के बांडीटोला से सोमवार को गिरफ्तार 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली रविंद्र गंझू की पत्नी ने पुलिस से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि उनके पति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके साथ कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाए. पत्नी ने भावुक स्वर में कहा, "मेरा सुहाग सुरक्षित रहे. पुलिस वालों की पत्नियों का भी सुहाग सुरक्षित रहे."

न्याय व्यवस्था पर भरोसा

रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी के बाद सामने आए इस बयान ने पूरे मामले को मानवीय पहलू से भी जोड़ दिया है. पत्नी ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और वे चाहती हैं कि उनके पति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे. उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और सुरक्षित हिरासत सुनिश्चित करने की मांग की.


सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं. उससे नक्सली नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों तथा संगठन की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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नहीं आई पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया

पत्नी की अपील के बाद पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति की सुरक्षा और उसके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है.

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Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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