पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से मिले मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, बोले- सत्य और न्याय की हुई जीत

Latehar News: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने रांची आवास पर मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच विकास योजनाओं और राज्य की राजनीति पर चर्चा हुई. विधायक ने कहा कि आलमगीर आलम की रिहाई सत्य और न्याय की जीत है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

लातेहार से चंद्रप्रकाश सिंह की रिपोर्ट

Latehar News: झारखंड के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलमगीर आलम की सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर रिहाई के बाद राजनीतिक मुलाकातों का दौर तेज हो गया है. इसी क्रम में मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने रांची स्थित उनके आवास पहुंचकर मुलाकात की. इस दौरान युवा समाजसेवी हेसामुल अंसारी भी मौजूद रहे. विधायक रामचंद्र सिंह ने पूर्व मंत्री का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया और उनके स्वस्थ एवं सक्रिय राजनीतिक जीवन की कामना की. इस मुलाकात को कांग्रेस संगठन और महागठबंधन की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

विकास योजनाओं पर हुई चर्चा

रांची आवास पर हुई इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान विधायक रामचंद्र सिंह ने मनिका विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी आलमगीर आलम को दी. उन्होंने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की. विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है.

राजनीतिक हालात पर लिया मार्गदर्शन

मुलाकात के दौरान राज्य के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और आगामी रणनीतियों को लेकर भी बातचीत हुई. विधायक रामचंद्र सिंह ने आलमगीर आलम से संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने को लेकर मार्गदर्शन लिया. सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच झारखंड की मौजूदा राजनीति, संगठन विस्तार और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई. कांग्रेस पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता को लेकर इस मुलाकात को महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.

न्याय की हमेशा जीत होती है: रामचंद्र सिंह

रांची से लौटने के दौरान विधायक रामचंद्र सिंह ने बेतला के कुटमू चौक पर पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि आलमगीर आलम की रिहाई यह साबित करती है कि कानून व्यवस्था में अंततः सत्य और न्याय की जीत होती है. उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद न्यायालय से मिला यह फैसला कांग्रेस पार्टी और राज्य की जनता के विश्वास को और मजबूत करता है. विधायक ने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई तरह की परिस्थितियां आती हैं, लेकिन सच अंततः सामने आ ही जाता है.

कांग्रेस और महागठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं आलमगीर

रामचंद्र सिंह ने आलमगीर आलम को झारखंड कांग्रेस और महागठबंधन का मजबूत स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि आलमगीर आलम का राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक समझ पार्टी के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रही है. विधायक ने कहा कि उनके सक्रिय होने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और राज्य में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में वरिष्ठ नेतृत्व का अनुभव भी प्राप्त होगा. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आलमगीर आलम की वापसी को लेकर उत्साह का माहौल है.

विरोधियों पर भी साधा निशाना

विधायक रामचंद्र सिंह ने इशारों-इशारों में विपक्ष और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से परेशान करने की कोशिशें हमेशा सफल नहीं हो सकतीं. उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और लोकतंत्र में आखिरकार न्याय की ही जीत होती है. विधायक ने दावा किया कि झारखंड की जनता विकास और जनहित की राजनीति को समझती है और आने वाले समय में इसका असर भी दिखाई देगा.

इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी की अपील का असर, घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक पहुंचे जिला परिषद उपाध्यक्ष

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

आलमगीर आलम की रिहाई और उसके बाद नेताओं की लगातार हो रही मुलाकातों ने झारखंड की राजनीति में चर्चाओं को तेज कर दिया है. राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं. वहीं, कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और महागठबंधन को भी राजनीतिक लाभ हो सकता है.

इसे भी पढ़ें: छह महीने बाद अपने परिवार से मिला मूक-बधिर बालक, प्रशासन के प्रयास से हुआ संभव

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >