गैर आदिवासियों को ग्राम प्रधान बनाने के विरोध में प्रदर्शन

गैर आदिवासियों को ग्राम प्रधान बनाने के विरोध में प्रदर्शन

लातेहार ़ पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के गांवों में गैर अनुसूचित जनजाति के लोगों को ग्राम प्रधान बनाये जाने के विरोध में जिला पड़हा समिति के तत्वावधान में सोमवार को एक दिवसीय रैली व धरना-प्रदर्शन किया गया. शहर के बाजारटांड़ से निकली रैली थाना चौक और मेन रोड होते हुए समाहरणालय पहुंची, जहां वह सभा में तब्दील हो गयी. सभा को संबोधित करते हुए अंबा झारन के ग्राम प्रधान सहादेव उरांव ने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के गांवों में ग्राम सभा अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. इसके बावजूद नियमों के खिलाफ जिले की कई पंचायतों में गैर आदिवासियों को ग्राम प्रधान बना दिया गया है. ग्राम प्रधान चंदू उरांव ने कहा कि पेसा एक्ट 1996 के नियम 4 (जी) तथा पंचायत उपबंध झारखंड नियमावली 2025 के नियम-2 व नियम-7 के अनुसार यह पद सिर्फ अनुसूचित जनजाति के सदस्य के लिए निर्धारित है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इन प्रावधानों की अनदेखी हो रही है. नियमों के खिलाफ इन पंचायतों में बने हैं प्रधान : जिप सदस्य : जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने उदाहरण देते हुए कहा कि मनिका प्रखंड की नामुदाग पंचायत में मंसूर अंसारी, कोपे में रामबिलास साव, बड़काडीह में विजय ठाकुर और सिंजो में मुनेश्वर यादव ग्राम प्रधान के पद पर कार्यरत हैं. इसी तरह लातेहार प्रखंड के इचाक (नावाडीह) में सरजू पांडेय, डीही में शहाबुद्दीन, आरागुंडी में लक्ष्मण यादव, हेरहंज प्रखंड के डारी में ईश्वरी यादव, उद में बंधन यादव और मोहनपुर में पेरू भुईयां को ग्राम प्रधान बनाया गया है, जो नियमों के विपरीत है. प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की. मौके पर चमन उरांव, सोमर उरांव, इंद्रदेव उरांव, कैलाश उरांव, जतरू उरांव, तेतर उरांव, बलराम उरांव सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >