हड़ताल के कारण बंद रहीं मेडिकल की दुकानें

हड़ताल के कारण बंद रहीं मेडिकल की दुकानें

बालूमाथ़ ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर बुधवार को प्रखंड की सभी दवा दुकानें बंद रहीं. आम लोगों को दवाइयों के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जिला ड्रग ऑनर एसोसिएशन के जिला सचिव विजय कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉरपोरेट कंपनियों की बढ़ती दखलंदाजी व दवा व्यवसाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों के विरोध में यह एकदिनी बंद रखा गया था. दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यवसायियों के सामने संकट उत्पन्न हो गया है. बगैर चिकित्सकीय पर्ची दवा बिक्री व नकली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने की भी मांग की गयी. मौके पर एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद बिहारी गुप्ता, लखन लाल, पंकज सिन्हा, पवन कुमार, मो आबिद, सतीश कुमार, रामलाल यादव, निरंजन कुमार, अशोक साव, दिनेश मेडिकल, बिपिन बिहारी गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद थे. ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध समेत अन्य मांगों को लेकर बंद रही दवा दुकानें चंदवा़ ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (एओआइसीडी) के आह्वान पर बुधवार को चंदवा की सभी दवा दुकानें बंद रही. लातेहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के समर्थन में यह बंद पूरी तरह सफल रही. प्रखंड के सभी दवा व्यवसायी एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लिया. एसोसिएशन के सचिव विजय प्रसाद ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री बंद करने व कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर अत्यधिक छूट दिये जाने के विरोध में यह बंद आयोजित था. इन मुद्दों को लेकर देशभर के करीब 12 लाख से अधिक दवा व्यवसायी इस आंदोलन में शामिल रहे. लातेहार जिले के 180 से अधिक दवा दुकानदारों ने अपना प्रतिष्ठान बंद रखा. इधर, बंद के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हुई. आपातकालीन स्थिति को देखते हुए एक-एक दवा दुकान को चिह्नित कर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी थी. इसकी सूचना पूर्व में ही प्रशासन को दे दी गयी थी.

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