चंदवा (लातेहार). वन एवं पर्यावरण विभाग की पहल पर शनिवार को स्थानीय वन विभाग कार्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें प्रखंड के 30 पशुपालकों को पशुओं के प्राथमिक उपचार को लेकर जागरूक किया गया. पशुपालकों के बीच दवा किट का भी वितरण किया गया. कार्यक्रम में लातेहार डीएफओ प्रवेश अग्रवाल, जामताड़ा से आये पशु चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार और प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. सरोज केरकेट्टा मौजूद थीं.
पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों की रीढ़
डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों की रीढ़ है. यह लोगों की आय का महत्वपूर्ण साधन है. पशुओं का स्वस्थ रहना सीधे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है. इसलिए पशुपालकों को पशुओं में होनेवाली बीमारियों के शुरुआती लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए. इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. समय पर उपचार और उचित देखभाल से पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है.
जांच, साफ-सफाई और आहार पर विशेष ध्यान
उन्होंने कहा कि वन विभाग की पहल पर पशुपालकों को दवा किट उपलब्ध कराने का उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करना है. डॉ. अशोक कुमार ने पशुपालकों को पशुओं की नियमित जांच, साफ-सफाई और आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पशुओं में किसी तरह की असामान्य स्थिति दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. उन्होंने पशुओं के टीकाकरण को भी जरूरी बताया. कहा कि समय पर टीकाकरण से पशुओं को कई संक्रामक बीमारियों से बचाया जा सकता है.
पशुओं की देखभाल से संबंधित जरूरी जानकारी
पशुपालकों को दवाइयों के उपयोग और पशुओं की देखभाल से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी गयी. मौके पर प्रभारी वनपाल लव कुमार झा, वनरक्षी अनुराग पांडेय, उमेश रजक, आलोक केरकेट्टा समेत दर्जनों पशुपालक और ग्रामीण मौजूद थे.
