Latehar DMFT Scam, लातेहार (चंद्र प्रकाश सिंह की रिपोर्ट): लातेहार परिसदन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भारत सरकार की दिशा कमेटी (झारखंड प्रदेश समिति) के मनोनीत सदस्य देवेश तिवारी ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर लातेहार जिले में डीएमटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड में भारी अनियमितता और घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के विकास के लिए आए करोड़ों रुपये को अधिकारियों ने अपनी सुविधा के अनुसार बंदरबांट किया है.
गाइडलाइन के उल्लंघन का दावा
देवेश तिवारी ने केंद्र सरकार के नियमों का हवाला देते हुए बताया कि डीएमटी फंड का 70 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर खनन प्रभावित गांवों में शिक्षा, चिकित्सा, आवास और पर्यावरण संरक्षण पर खर्च होना चाहिए. शेष 30 प्रतिशत राशि अन्य प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है. उन्होंने आरोप लगाया कि लातेहार में इस राशि का बड़ा हिस्सा समाहरणालय (Collectorate) और अन्य सरकारी भवनों के निर्माण या सौंदर्यीकरण पर खर्च कर दिया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है.
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वेबसाइट बंद, आंकड़े गायब
देवेश तिवारी ने पारदिर्शता पर सवाल उठाते हुए कहा कि लातेहार जिले की डीएमटी वेबसाइट लंबे समय से बंद है. उन्होंने इसे “पाषाण युग” की स्थिति बताते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया के युग में जनता से खर्च का ब्योरा छुपाना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार को ढंकने का प्रयास किया जा रहा है. उनके अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 तक लातेहार को लगभग 360 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, लेकिन उसका कोई सार्वजनिक लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है.
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र
दिशा कमेटी के सदस्य ने चेतावनी दी कि समिति का काम विभागों को सही दिशा देना और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की अनुशंसा करना है. उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखेंगे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे.
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