पांच जनवरी तक जमा करने होंगे जमीन व लाइसेंस के कागजात, होम-स्टे के लिए भी अनुमति अनिवार्य

पांच जनवरी तक जमा करने होंगे जमीन व लाइसेंस के कागजात, होम-स्टे के लिए भी अनुमति अनिवार्य

लातेहार ़ प्रकृति की गोद में बसे नेतरहाट की संवेदनशीलता और इको सेंसिटिव जोन के नियमों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. मंगलवार को डीडीसी सैय्यद रियाज अहमद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनियंत्रित होटल निर्माण और भूमि के अवैध हस्तांतरण पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक का मुख्य उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा आदिवासियों की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों और नियमों के उल्लंघन को रोकना था. आदिवासियों को बहलाकर जमीन लेने वालों पर नजर : मौके पर एसडीओ बिपिन कुमार दुबे ने कहा कि नेतरहाट एक संवेदनशील आदिवासी बहुल क्षेत्र है. यहां बाहरी गैर-आदिवासियों द्वारा स्थानीय लोगों को बहला-फुसलाकर जमीन लेने और अवैध होटल निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. प्रशासन की प्राथमिकता इसे पूर्णतः रोकना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ग्रामीणों ने निजी आवास के नाम पर चार-पांच कमरों का होटल या होम-स्टे बनाया है, उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है. सभी संचालित और अर्धनिर्मित होटलों को पांच जनवरी 2026 तक अनुमंडल कार्यालय में वैध दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है. इन दस्तावेजों को जमा करना होगा अनिवार्य : होटल संचालकों को जमीन की रसीद, खतियान, वैध एग्रीमेंट, जीपीएस युक्त फोटो, जीएसटी पंजीकरण, फूड लाइसेंस, उद्यम प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र और सीसीटीवी व पार्किंग की जानकारी देनी होगी. साथ ही, वर्ष 2019 के बाद बने होटलों के लिए नक्शा पास और इको सेंसिटिव कमिश्नर की अनुमति अनिवार्य की गयी है. एसडीएम ने कहा कि पंचायत क्षेत्र होने के कारण ऑनलाइन नक्शा सुविधा भले नहीं है, लेकिन इसके बावजूद 5000 वर्गफुट से कम या अधिक क्षेत्रफल वाले सभी होटल, यहां तक कि व्यवसायिक रूप से चार कमरों वाले छोटे होटल या होम-स्टे के रूप में व्यवसाय कर रहे लोगों को भी नक्शा पास कराना एवं इको सेंसिटिव जोन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. निजी आवास निर्माण के लिए भी नियम तय : ग्रामीणों द्वारा बनाये जा रहे निजी घरों के लिए भी प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की है. जो ग्रामीण अपना घर बना रहे हैं, उन्हें जीओ-टैग्ड फोटो, मकान की माप और जमीन की रसीद के साथ शपथ पत्र देना होगा कि इसका उपयोग व्यावसायिक नहीं होगा. कागजात जमा होने तक अर्धनिर्मित घरों का निर्माण बंद रहेगा. हालांकि, एसडीएम ने साफ किया कि जिनकी जमीन पूरी तरह वैध है और कागजात दुरुस्त हैं, उन्हें होटल संचालन से नहीं रोका जायेगा. बैठक में ये रहे मौजूद : बैठक में सनराइज होटल, होटल पैराडाइज, होटल मैग्नोलिया, झूमर होटल, रवि-शशि होटल, ग्रीन पैलेस, रॉयल रेजिडेंसी, लेक व्यू होटल, भगवती, सूर्यलोक, टिक लॉज समेत कई होटलों के संचालक व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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