कार्तिक उरांव ने शिक्षा और राजनीति में आदिवासी समाज को दिशा दी : निशा भगत

कार्तिक उरांव ने शिक्षा और राजनीति में आदिवासी समाज को दिशा दी : निशा भगत

बारियातू़ प्रखंड के साल्वे पंचायत अंतर्गत बारिखाप गांव स्थित आदिवासी कला-संस्कृति मैदान में बुधवार को आदिवासी नेता स्वर्गीय कार्तिक उरांव की 101वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी. मौके पर जतरा-मेला का भव्य आयोजन हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता जतरा समिति अध्यक्ष कार्तिक टाना भगत ने की. मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय सरना समिति की महिला अध्यक्ष निशा भगत और वरिष्ठ अतिथि आदिवासी युवा नेता ज्योत्सना केरकेट्टा उपस्थित थीं. इसके अलावा केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, रांची सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की, सदस्य संतन उरांव समेत अन्य अतिथि मौजूद थे. आदिवासी परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया और कार्तिक उरांव के स्मारक स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर जतरा-मेला का उद्घाटन किया. मुख्य अतिथि निशा भगत ने कहा कि कार्तिक उरांव समाज के सच्चे मार्गदर्शक थे, जिन्होंने शिक्षा और राजनीति में आदिवासी समाज को दिशा दी. हमें उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए. ज्योत्सना केरकेट्टा ने कहा कि कार्तिक उरांव ने ब्रिटिश शासनकाल में ऑटोमेटिक पॉवर स्टेशन का प्रारूप तैयार किया, जो आज हिकले न्यूक्लियर पॉवर प्लांट के नाम से प्रसिद्ध है. कहा कि आज कुछ लोग आदिवासी बनने के लिए जी जान से लगे हैं, पर हम ऐसा होने नहीं देंगे. कार्यक्रम का संचालन जगदीश उरांव ने किया. मौके पर मुखिया राजीव भगत, केदार गंझू, दिगंबर टाना भगत, संजय केरकेट्टा समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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