लातेहार ़ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर शहर के सरस्वती विद्या मंदिर ने गुरुवार को शोभायात्रा निकाली. विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण कर वापस लौटी. मौके पर विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति सचिव राजीव रंजन पांडेय व प्राचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने विक्रम संवत 2083 के आगमन पर छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं. वहीं, जिला मुख्यालय समेत सभी प्रखंडों के मंदिरों में नवरात्र शुरू होते ही कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना हुई. मंदिरों में उमड़ी भीड़ : थाना चौक स्थित बजरंग देव मंदिर, जुबली चौक पर संकट मोचन मंदिर, मेन रोड की ठाकुर बाड़ी, बिजली ऑफिस व माइनर शिव मंदिर और डुरूआ स्थित शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. कई लोगों ने घरों में भी कलश स्थापना की. इधर, अखिल भारतीय गायत्री परिवार ने चंदनडीह प्रज्ञाकुंज में गायत्री मंत्र जाप, पूजन, संकल्प व हवन किया. सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व : पुजारी दिलेश्वर यादव ने वैदिक रीति-रिवाज से अनुष्ठान संपन्न कराया. उन्होंने बताया कि नवरात्र केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि नववर्ष विक्रम संवत का प्रारंभ भी है, जिसे पृथ्वी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. यह मां दुर्गा की आराधना का विशेष समय है. मौके पर भोला प्रसाद, उर्मिला देवी, अनिता देवी, सुनीता देवी, सावित्री देवी, बिरेंद्र प्रसाद व देवेंद्र प्रसाद समेत कई श्रद्धालु उपस्थित थे. पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा.
शोभायात्रा व कलश स्थापना के साथ हिंदू नववर्ष व चैत्र नवरात्र शुरू
शोभायात्रा व कलश स्थापना के साथ हिंदू नववर्ष व चैत्र नवरात्र शुरू
