सामुदायिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग

सामुदायिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग

बारियातू़ प्रखंड के नचना ग्राम स्थित सत्ताइस पड़हा भवन परिसर में सोमवार को आदिवासी समाज की बैठक हुई. धर्म गुरु तेतर उरांव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पहनई जमीन के अतिक्रमण, ग्राम प्रधान की भूमिका और पारंपरिक व्यवस्था को सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक का संचालन पूर्व मुखिया प्रमोद उरांव ने किया. अतिक्रमण पर जतायी चिंता : वक्ताओं ने कहा कि समाज के पूजा स्थल पहनई, सरना, मांडर सहित अन्य सामुदायिक जमीनों पर दलालों और अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है. यह समाज की परंपरा और अस्तित्व के लिए गंभीर विषय है. पेसा कानून आदिवासियों को अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा का अधिकार देता है. ऐसे में ग्राम सभा के माध्यम से इन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ठोस पहल करनी होगी. सहमति और उपस्थिति : बैठक में पेसा कानून के तहत ग्राम प्रधानों के सत्यापन और पाहन-पुजारी को व्यवस्था में उचित स्थान देने पर भी विचार-विमर्श हुआ. अपनी मांगों को लेकर आगामी 25 मई को उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपने पर सर्वसम्मति बनी. मौके पर पूर्व प्रमुख महावीर उरांव, भरत उरांव, धाने उरांव, राजकिशोर उरांव, कुलदीप गंझू, कलेश्वर उरांव, महेंद्र उरांव, जागेश्वर उरांव, रामकिशुन उरांव, कपलेश उरांव समेत कई लोग उपस्थित थे.

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SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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