जीवन बचाने के लिए प्राकृतिक संपत्ति का संरक्षण जरूरी : पीडीजे

जीवन बचाने के लिए प्राकृतिक संपत्ति का संरक्षण जरूरी : पीडीजे

विश्व पृथ्वी दिवस लातेहार. विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार को झालसा रांची के निर्देश पर व्यवहार न्यायालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने कहा कि पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां जीवन संभव है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि मनुष्य स्वस्थ और जीवित रहना चाहता है तो उसे पर्यावरणीय मुद्दों पर ध्यान देना होगा और इसकी अहमियत को समझना व स्वीकार करना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि प्रकृति की सबसे बुद्धिमान रचना मनुष्य है, लेकिन आज वह धरती की देखभाल करना भूल गया है. ऐसे में इंसानों का सतर्क होना बहुत जरूरी है और पर्यावरण को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. कार्यक्रम के पूर्व न्यायालय परिसर में पीडीजे ने पौधारोपण कर पृथ्वी संरक्षण का संदेश दिया. इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार दूबे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सुनिल दत्ता द्विवेदी, सीजेएम विक्रम आनंद, एसीजेएम कुमारी जीव, सीनियर सिविल जज तृतीय सह न्यायिक दंडाधिकारी मीनाक्षी मिश्रा, प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी, जेजेवी सह प्रभारी न्यायाधीश उत्कर्ष जैन सहित न्यायालय के कर्मचारियों ने भी पौधारोपण किया. सभी ने मिलकर लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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