बालूमाथ में अंधविश्वास ने छीनी मासूम की जान: गले में फंसा मकई का दाना, ओझा के चक्कर में दो घंटे गंवाये

लातेहार के बारियातू में मकई का दाना गले में फंसने से तीन साल के बच्चे की मौत. परिजन अस्पताल के बजाय ओझा के पास ले गए, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका.

बालूमाथ (लातेहार) : बारियातू थाना अंतर्गत इटके गांव के सुइयांटोला में अंधविश्वास के कारण एक बच्चे की जान चली गयी. मृतक की पहचान आशीष उरांव (तीन वर्ष), पिता रामवृक्ष उरांव के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम आशीष घर पर ही मकई खा रहा था. इसी दौरान सरकने के कारण बच्चे के गले में मकई का दाना फंस गया और उसकी सांस उखड़ने लगी.

अस्पताल ले जाने के बजाय ओझा के पास ले गये परिजन

परिजन बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर पास के ही एक गांव में ओझा के पास ले गये. यहां झाड़-फूंक कराने के चक्कर में करीब दो घंटे निकल गये.

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पंचायत समिति सदस्य ने अपनी कार से पहुंचाया अस्पताल

मामले की सूचना गांव के पंचायत समिति सदस्य मो. होजेफा को मिली. उन्होंने तत्काल अपनी कार से बच्चे को बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। यहां चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

पांच बेटियों के बाद मन्नत से हुआ था इकलौता बेटा

बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांववालों के अनुसार रामवृक्ष को पांच बेटियों के बाद काफी आरजू-मन्नत से एक बेटा हुआ था. अंधविश्वास के चक्कर में आकर परिजनों ने उसे भी खो दिया.

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By Deepak

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