लातेहार ़ छठ पूजा को लेकर शहर के विभिन्न छठ घाटों में तैयारियां अंंतिम रूप में है. लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को नहाय-खाय के साथ प्रारंभ हो गया. व्रती नहा कर कद्दू चना दाल और चावल का प्रसाद बना कर ग्रहण करने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों काे खिलाया. 26 अक्तूबर को खरना, 27 को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ तथा 28 को उदयीमान सूर्य को अर्घ दी जायेगी. शहर के चटनाही स्थित औरंगा नदी मुख्य छठ घाट में सूर्यनारायण पूजा समिति द्वारा किये गये लाइटिंग की शनिवार की शाम टेस्टिंग की गयी. पूरा छठ घाट और बाईपास चौक से लेकर राजहार तक सड़क रंगबिरंगी लाइट से रोशन हो गया. छठ व्रतियों को समिति के द्वारा कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही है. पूजा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस वर्ष नदी में पानी अधिक रहने के कारण समिति को अन्य वर्षों की तुलना में अधिक मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने बताया कि जेसीबी की मदद से नदी की धारा को मोड़ने के लिए बालू के मेढ़ बनाये गये हैं ताकि छठ व्रतियों को सूखी जमीन उपलब्ध हो सके. उन्होने बताया कि नदी के बालू को समतल करने के लिए समिति के स्वयंसेवकों के अलावा सशस्त्र सीमा बल के जवान व अन्य गणमान्य लोगों ने भी श्रमदान किया है. श्री सिंह ने बताया कि बाइपास चौक से राजहार तथा छठ घाट तक आकर्षक विद्युत सज्जा करायी गयी है. कई जगहों पर तोरण़द्वार बनाये गये हैं. ध्वनि विस्तारक यंत्र की भी व्यवस्था की गयी है. औरंगा नदी में छठ व्रतियों के लिए अस्थायी स्नानागार बनाये गये हैं. इसके अलावा वाच टावर भी बनाये गये हैं. सूर्य भगवान की प्रतिमा स्थापित कर पूजा -अर्चना की जायेगी. इसकी भी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. पुजारी त्रिभुवन पांडेय के सानिध्य में पूजा संपन्न कराया जायेगा. शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी छठ पूजा की तैयारियां नवयुवक संघ के द्वारा की गयी है. इसके अलावा गिजनियाटांड़ और बानपुर छठ घाटो में भी तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में है. छठ को लेकर बाजार में खरीदारी करने वालों की काफी भीड़ रही.
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