ग्रामीणों की भूमि पर पौधरोपण रोकने पर सहमति

प्रखंड के गोनिया पंचायत अंतर्गत विश्रामपुर गांव में ग्रामीणों की बैठक हुई

बारियातू. प्रखंड के गोनिया पंचायत अंतर्गत विश्रामपुर गांव में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान ललु उरांव ने की. बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दावित जमीन पर वन विभाग द्वारा किये जा रहे पौधारोपण कार्य को रोका जायेगा. ग्रामीणों ने कहा कि जल, जंगल और जमीन हमारी पहचान है. जिस जमीन पर पूर्वजों से जोत-कोड़ कर खेती होती रही है, उस जमीन पर वन विभाग जबरन पौधरोपण करना चाहती है. इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की मिलीभगत से पूरे प्रखंड क्षेत्र में जंगल की अंधाधुंध कटाई हो रही है. जिन भूमि पर पोस्ता की खेती की जा रही है, उस पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता. जबकि हम आदिवासी-वनवासी अपनी ही जमीन पर परेशान हो रहे है. लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग दलालों के माध्यम से फर्जी ग्राम सभा कर हमारी दावित जमीन पर पौधारोपण की योजना लागू करना चाहती है. यह गलत है.

सिविल सर्जन को मांग पत्र सौंपा

लातेहार. आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने सिविल सर्जन को मांग पत्र सौंपा है. जिसमें लातेहार जिला अस्पताल एवं प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था को बदलने की बात कही है. इस संबंध में उन्होंने सिविल सर्जन को स्वास्थ्य सेवाओं में त्वरित सुधार की मांग की. मांग पत्र में कहा गया है कि जिला अस्पताल और प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में दवा काउंटर रात के समय बंद रहते हैं. जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार मरीजों के परिजन बाहर दवा दुकान बंद होने के कारण इधर-उधर भटकते रहते हैं और समय पर इलाज नहीं मिल पाता है. इसके अलावा जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर हमेशा स्ट्रेचर उपलब्ध न रहने, प्रसूति के लिए समुचित व्यवस्था नही होने और रेफर मरीजों के लिए उचित साधन की कमी जैसी गंभीर समस्याओं की ओर भी जिलाध्यक्ष ने ध्यान आकर्षित कराया है. उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण आम जनता विशेषकर गरीब और दूरदराज से आने वाले मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. जिलाध्यक्ष श्री पांडेय ने कहा कि लातेहार जिला अस्पताल और प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है. रात में दवा काउंटर बंद रहने, स्ट्रेचर की अनुपलब्धता, प्रसूति की समुचित व्यवस्था न होने और रेफरल मरीजों की उचित व्यवस्था न होने से आम जनता परेशान है. जल्द से जल्द अगर प्रशासन इसमें सुध नहीं लेता तो आजसू आंदोलन को बाध्य होगी. मौके पर नितेश जा, विकाश कुमार व कमलदेव उरांव समेत कई लोग उपस्थित थे.

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Author: DEEPAK

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