11 में से सात ग्रामीण जलापूर्ति योजना बंद

दो जलमीनारों को चालू करने के लिए नहीं मिल रहे ठेकेदार मामूली खराबी के कारण बंद हैं कई जलापूर्ति योजनाएं सुनील कुमार लातेहार : लातेहार जिले में कुल 11 ग्रामीण जलापूर्ति योजना (जलमीनार) के तहत आठ प्रखंडों में तकरीबन सात लाख लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का दावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पेश करता […]

दो जलमीनारों को चालू करने के लिए नहीं मिल रहे ठेकेदार
मामूली खराबी के कारण बंद हैं कई जलापूर्ति योजनाएं
सुनील कुमार
लातेहार : लातेहार जिले में कुल 11 ग्रामीण जलापूर्ति योजना (जलमीनार) के तहत आठ प्रखंडों में तकरीबन सात लाख लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का दावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पेश करता है. इनमें से सात योजनाएं बंद हैं, जिसमें से दो योजनाओं को चालू करने के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है. इन योजनाओं को चालू करने के लिए विभाग ने कुल चार बार टेंडर निकाला, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने टेंडर में भाग नहीं लिया.
जिले का मनिका, गारू, चोरमुंडा, कुमांडीह, मोंगर, जालिम, चंदवा, बालूमाथ एवं बारियातू जलापूर्ति योजना मामूली खराबी के कारण बंद है. बरवाडीह, मोंगर तथा जालिम ग्राम की जलापूर्ति योजना बिजली की खराबी के कारण बंद है. ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत 30 हजार गैलन क्षमता वाली बालूमाथ एवं बारियातू योजना के जीर्णोद्धार के लिए टेंडर चार बार निकाला जा चुका है, लेकिन कोई ठेकेदार भाग नहीं ले रहा है.
शहरी जलापूर्ति योजना के तहत लातेहार शहर में 50 हजार एवं 30 हजार गैलन क्षमता के दो जलमीनार बनाये गये, लेकिन जलापूर्ति 10 वर्ष पूर्व के मुताबिक ही किया जाता है. शहर के शहीद चौक, थाना चौक, जुबली चौक आदि जगहों पर पानी सप्लाई का महज 10 फीसदी ही पहुंच पाता है. डुरुआ शहरी क्षेत्र में 50 हजार गैलन क्षमता का जलमीनार बनाया गया, लेकिन आंकड़ों-कागजों में ही जलापूर्ति नियमित दिखायी जाती है. जबकि डुरुआ के लोग सप्लाई के पानी के इंतजार में घंटों लाइन में रहते हैं.

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