चंदवा : अप्रैल माह के शुरू में ही मरमर नदी के सूख जाने से करीब पांच हजार आबादी को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. प्रखंड के मालहन पंचायत में पानी की समस्या गंभीर है.
लोगों को दो-तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है. पानी की जुगाड़ में लोग सुबह से ही लग जाते हैं. मवेशी भी पानी के लिए तरस रहे हैं. प्रशासन इस समस्या से अपना मुंह फेरे हुए है. पंचायत के दर्जनों चापानल खराब पड़े हुए हैं, जिसे अब तक नहीं बनाया जा सका है.
मालहन पंचायत के मालहन, मरमर, गनियारी, देवनदिया समेत अन्य गांवों में कुल 85 चापानल हैं, जिसमें से करीब 30 चापानल खराब है. विभाग को जानकारी देने के बाद भी चापानल की मरम्मत नहीं हो पा रही है.
मालहन पंचायत की जीवन रेखा कही जानेवाली मरमर नदी सूख चुकी है. नदी के आसपास रहने वाले करीब 5000 लोग पानी के लिए भटक रहे हैं. अब उन्हें दो-तीन किलोमीटर दूर से पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है. मुखिया मानती देवी ने बताया कि गांव में कई लोग दूर दराज से पानी लाकर काम चला रहे हैं. कई चापानल खराब पड़े हैं.
मरमर नदी से पानी गायब हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर पूर्व में नदी में चेकडैम बनाया जाता तो पानी की ऐसी किल्लत नहीं होती. आस-पास का वाटर लेबल रिचार्ज होता. उन्होंने उपायुक्त से नदी में चैकडैम बनवाने व खराब चापानल मरम्मत करवाने की मांग की है.
