लातेहार : गरमी की दस्तक देने से पहले ही नदियों एवं जलाशयों में पानी घटना शुरू हो गया है. डीही पंचायत के कई गांवों में लोगों को नदी का पानी पीना पड़ता है. उनका कहना है कि गांव में चापाकलों की संख्या काफी कम है और पानी इतना खारा है कि न तो दाल गलती है और ना ही इसे पीने की इच्छा होती है.
मालूम हो कि डीही पंचायत में पानी में आयरन एवं अर्टिजन की बहुलता है. नतीजतन लोग नदी एवं चुंआ का पानी पीते हैं. माघ महीने में ही नदियों का पानी सूखने से लोग चिंतित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी ही स्थिति रह गयी, तो जल स्तर अप्रैल-मई नदी मृतप्राय हो जायेगी. लोगों को पीने के पानी के लिए कई कोस चलना पड़ता है.
क्या कहते हैं मुखिया
मुखिया संदीप उरांव का कहना है कि जिन टोलों में पीने की पानी की व्यवस्था नहीं है, वहां चापाकल लगाने का प्रस्ताव प्रखंड में भेजा जा रहा है. श्री उरांव ने कहा कि जहां चापाकलों से पीने योग्य पानी नहीं निकल रहा है, वहां मशीन लगा कर पानी को पीने लायक बनाया जायेगा.
