आदिवासियों की अनदेखी नहीं की जा सकती : साय

चंदवा : राज्य सभा सांसद(छत्तीसगढ़) सह आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने गुरुवार को स्थानीय मयूर होटल में पत्रकारों से विभिन्न पहलुओं पर बात की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की अनदेखी नहीं की जा सकती. इस समुदाय के कई लोगों ने देश की स्वतंत्रा के लिए बलिदान दिया है. इनका इतिहास गौरवपूर्ण रहा है. उन्होंने […]

चंदवा : राज्य सभा सांसद(छत्तीसगढ़) सह आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने गुरुवार को स्थानीय मयूर होटल में पत्रकारों से विभिन्न पहलुओं पर बात की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की अनदेखी नहीं की जा सकती. इस समुदाय के कई लोगों ने देश की स्वतंत्रा के लिए बलिदान दिया है.
इनका इतिहास गौरवपूर्ण रहा है. उन्होंने शराब को आदिवासियों के विकास में सबसे बड़ी बाधा बतलायी. श्री साय ने धर्मांतरण पर चिंता जताते हुए कहा कि आतंकवाद का यह दूसरा रूप है. साजिश के तहत समाज को तोड़ने का काम सीधे-साधे ग्रामीणों को लालच देकर कराया जाता है. यह भारतीय सहिष्णुता के साथ मजाक है. उन्होंने कहा कि धर्म का परिवर्तन नहीं हो सकता. धर्म व पंथ दोनो ही अलग-अलग बाते हैं.
मेरे हिसाब से लोग धर्म की परिभाषा नहीं जानते. धर्म सहनशीलता, मन की पवित्रता-शुद्धता, सत्य का साथ, अन्याय के खिलाफ उठना, समाज में शांति की स्थापना करना है. पूजा-उपासना को धर्म समझना भूल है. झारखंड सरकार के क्रियाकलाप को आप कितना मार्क्स देंगे, इस पर उन्होंने बोलना उचित नहीं समझा. सरकार के कार्यक्रमों व क्रियाकलापों पर संतोष व्यक्त किया. श्री साय ने युवाओं को राष्ट्र हित में काम करने की सलाह दी.
मालूम हो कि श्री साय नगर ग्राम स्थित मां उग्रतारा मंदिर में पूजा-अर्चना की. वे अपने दामाद को रांची के अस्पताल में भर्ती कर माता के दरबार पहुंचे थे. मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष राजकुमार पाठक के अलावे पूर्व मंडल अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद, राजकुमार साहू, संजीव आजाद, युवा मोरचा के आदर्श रवि राज, दारा सिंह, संजय दुबे समेत कई लोग मौजूद थे.

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