लातेहार पुलिस ने ली परवरिश एवं शिक्षा की जिम्मेवारी
बाल पुलिस में होगा बहाल
माओवादी कपड़ा व बरतन साफ कराते थे : सीताराम
लातेहार : पुलिस ने माओवादियों के एक दस्ते से बालक सीताराम सिंह (13 वर्ष) को मुक्त कराया है. वह डेढ़ साल से दस्ते में शामिल था. यह जानकारी पुलिस अधीक्षक अनूप बिरथरे ने सोमवार को अपने कार्यालय वेश्म में आयोजित प्रेसवार्ता में दी. उन्होंने कहा कि जिला पुलिस उक्त बालक की परवरिश एवं शिक्षा की पूरी जिम्मेवारी लेगी. सीताराम को बाल पुलिस में बहाल किया जायेगा.
एसपी ने बताया कि सीताराम के परिजनों के इच्छानुसार उसे स्थानीय विद्यालय में नामांकित किया जायेगा. उसके लिए यूनिफार्म, स्कूल बैग, कॉपी-किताब व जूता की व्यवस्था कर दी गयी है. वहीं सीताराम को बाल पुलिस में भरती करने के लिए डीजीपी के आदेश पर अनुंशसा पत्र भेजा जायेगा. मालूम हो कि इसके पूर्व भी लातेहार पुलिस ने बालमुनी नायक नामक एक नाबालिग लड़की को बाल पुलिस में भरती कराया है.
पुलिस अधिकारी बनना चाहता है सीताराम
सीताराम सिंह ने बताया कि उसके माता-पिता सूप व दौरी बनाते थे. वह डेढ़ साल तक माओवादियों के साथ जंगलों व गांवों में घूमता रहा. माओवादी जहां भी जाते, उसे साथ ले जाते थे.
उससे पानी गरम करवाने, कपड़ा व बरतन साफ कराने का काम लेते थे. सीताराम ने बताया कि दस्ते में जाने से पहले वह पढ़ाई करता था. उसने कन्या मध्य विद्यालय गारू में दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की है. उसने कई बड़े माओवादियों के नाम बताये हैं. सीताराम पढ़-लिख कर पुलिस अधिकारी बनना चाहता है.
छिपादोहर थाना क्षेत्र से मुक्त कराया गया
एसपी ने बताया कि जिला पुलिस एवं सीआरपीएफ की 112 वीं बटालियन की संयुक्त छापामारी अभियान में जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र के लादी गांव के पास से सीताराम सिंह को मुक्त कराया गया.
उन्होंने बताया कि सब जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइयां के जोनल कमांडर अनुराग यादव के दस्ते ने सीताराम को उसके घर से जबरन दबाव देकर माओवादी में शामिल कराया था. पुलिस के समक्ष सीताराम ने बताया कि माओवादी उससे कपड़ा व बरतन धुलवाते थे.
