।। आशीष टैगोर ।।
लातेहार : शहर के बानुपर इलाके में बहने वाली जायत्री नदी आज नाले में तब्दील हो चुकी है. कई जगहों पर नदी के पाटों का अतिक्रमण कर समतल कर दिया गया है. यहां तक कि कुछ एक जगहों पर तो भवन निर्माण भी कर लिया गया है. शहर से सटे ललमटिया ग्राम से निकलने वाली जायत्री शहर के बानपुर एवं मुख्य पथ के बीच बहती है.लेकिन शहर के जुबली चौक एवं शिवपुरी के पास इस नदी का कई जगहों पर अतिक्रमण कर लिया गया है.
बाजारटांड़ के पास यह नदी तो नाले की शक्ल में दिखायी पड़ती है. यहां पर गत वर्ष जायत्री नदी पर पुल का निर्माण कराया गया था. निर्माण के दौरान यहां डायवर्सन बनाया गया था. लेकिन पुल बनने के बाद डायसर्वन को यहां से हटाया नहीं गया. इसका परिणाम हुआ कि डायवर्सन की मिट्टी नदी को नाले के रूप में तब्दील कर दी.नगर पंचायत अध्यक्ष सीतामनी तिर्की ने भी माना है कि भू माफियाओं के द्वारा अवैध दखल की जा रही है और उन्होंने इस संबंध में सरकार से सचिव से पत्राचार किया है.
* क्या कहते हैं अंचलाधिकारी
नदी के अतिक्रमण के संबंध में पूछे जाने पर अंचलाधिकारी हरिश कुमार ने बताया कि नदी के इलाकों का अतिक्रमण करने का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है. मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई की जायेगी.
* क्या कहते हैं लोग
रंगकर्मी भुनेश्वर प्रसाद साहु (70) कहते हैं कि पहले जायत्री नदी की पाट काफी चौड़ी थी. लेकिन अब पाट छोटे हो गये हैं. बरसात के दिनों यह नदी उफान में रहती थी. इसी नदी के एक इलाके को मगरदह के नाम से जाना जाता था. बताया जाता है कि पहले यहां मगरमच्छ रहते थे. लेकिन अब तो नदी का नाम-ओ-निशान ही मिट गया है.
* नगर पंचायत अध्यक्ष ने नदी को बचाने की कवायत शुरू की
नगर पंचायत अध्यक्ष सीतामनी तिर्की ने इसे गंभीरता से लिया है और नगर विकास विभाग, झारखंड के सचिव से पत्राचार कर जायत्री नदी में जल संग्रहण हेतू सिरिज चैकडैम का निर्माण कराने की स्वीकृति एवं आवंटन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.उन्होंने सचिव को भेजे गये अपने पत्रांक 202/सीसी दिनांक 25.01.2020 में बताया है कि शहर के मध्य में बहने वाली जायत्री नदी तकरीबन पांच किलोमीटर में अवस्थित है.
शहर में अवस्थित होने के कारण भूमि-माफियाओं के द्वारा अवैध दखल करने की कार्रवाई की जा रही है.उन्होंने कहा कि अगर उक्त नदी पर पांच जगहों पर पांच-पांच फीट की उंच्चाई आरसीसी कर दिये जाने से न केवल जल का संग्रहण होगा वरन भूमि माफियाओं की चंगुल से भी नदी को बचाया जा सकेगा.नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तिर्की ने बताया कि अभियंताओं के एक दल के द्वारा जायत्री नदी का निरीक्षण किया गया और तीन करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेजा गया है.
