बालूमाथ : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उपस्थिति पंजी का दो पन्ना फाड़ कर गायब कर देने का मामला सामने आया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अशोक ओड़या ने सिविल सर्जन को पूरी घटना की जानकारी देकर उचित मार्गदर्शन की मांग की है. श्री ओड़या ने बताया कि आयुष चिकित्सक डाॅ सुजीत साहा का माह दिसंबर 2018 व जनवरी 2019 के उपस्थिति पंजी का दो पन्ना फाड़ कर गायब कर दिया गया है.
उक्त दो महीने डाॅ श्री साहा बिना सूचना के कई दिनों तक गायब थे. तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमरनाथ प्रसाद द्वारा चिकित्सक साहा की उपस्थिति पंजी पर हाजिरी काटी गयी थी. इसके बावजूद साहा द्वारा ओवर राइटिंग कर उन दो महीनों की हाजिरी बनायी गयी थी. इसकी शिकायत तत्कालीन प्रभारी डाॅ प्रसाद ने साक्ष्य के साथ लातेहार सिविल सर्जन से की थी. इसके आधार पर डाॅक्टर साहा का दो महीने का मानदेय लंबित है.
इस बीच डाॅक्टर साहा द्वारा बालूमाथ जाला निवासी गन्नू यादव के पुत्र चंद्रिका यादव का पैर खराब करने का आरोप लगा और लातेहार उपायुक्त ने इसकी जांच सीएस से करायी. जांच के बाद चार फरवरी 2019 को राज्य मुख्यालय के लिए विरमित कर दिया गया. बालूमाथ थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है.
इधर कुछ दिनों पूर्व बालूमाथ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अमरनाथ प्रसाद को हटा कर सिविल सर्जन द्वारा डाॅ ओड़या को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बना दिया गया है. श्री ओड़या द्वारा डाॅ साहा के लंबित मानदेय का भुगतान करने का आदेश दिया गया, लेकिन उपस्थिति पंजी अड़चन बन गयी है. ज्ञात हो कि डाॅ सुजीत साहा को विरमित हुए कई महीने बीत जाने के बाद भी वे बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नजर आते है.
