चंदवा : आतंक का पर्याय बन चुका कुलेश्वर सिंह मंगलवार की दोपहर बाद मुठभेड़ में मारा गया. वह उग्रवादी संगठन झासंजमुमो (झारखंड संघर्ष जन मुक्ति मोरचा) का सुप्रीमो था. उग्रवादी संगठन टीपीसी ने थाना क्षेत्र के डंगमारा (चेतर) गांव में घेराबंदी कर कुलेश्वर को मार गिराया. अभियान एएसपी मनीष भारती ने घटना की पुष्टि की है.
जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर कुलेश्वर अपनी बाइक पर सवार हो अपने घर डंगमारा (चेतर) आ रहा था. पूर्व से ही टीपीसी के करीब 100 उग्रवादी घातक हथियारों से लैस हो पूरे टोला की घेरा बंदी कर कुलेश्वर की आने की बाट जोह रहे थे. इसी बीच कुलेश्वर आ धमका. घेराबंदी देख वह दौड़ कर अपने घर में घुस कर किवाड़ बंद कर लिया.
उधर टीपीसी उग्रवादी घर को घेर चेतावनी के साथ फायरिंग करने लगे. एक घंटे तक कुलेश्वर अंदर से जवाबी फायरिंग करता रहा. टीपीसी की ओर से गोलियों की आवाज कम होता देख वह बाहर निकल कर भागने लगा. इसी क्रम में कुलेश्वर पकड़ा गया.
उसका हाथ बांध कर उग्रवादी घर से सौ मीटर दूर खेत में ले गये. इसके बाद केहुनी, घुटना, छाती व सिर में करीब 10 गोली मारी. उसकी मौत हो जाने के बाद उग्रवादी पास के ही जंगल में चले गये. उधर पुलिस अभियान एएसपी मनीष भारती के नेतृत्व में घटना स्थल पहुंची. शव को कब्जे में ले अंत्यपरीक्षण हेतु लातेहार भेज दिया है.
थानेदार मिथिलेश कुमार चंदवा, वेंकटेश प्रसाद लातेहार सदल-बल मौजूद थे. घटना स्थल पर कुलेश्वर की पत्नी सुशीला देवी व बहन अनिता का रो-रो कर बुरा हाल था. टोला में सन्नाटा पसरा है. सुप्रीमो कुलेश्वर स्व भगवान सिंह का इकलौता पुत्र था.
