कोडरमा. सफल आम हड़ताल के लिए मजदूर कर्मचारियों को बधाई देते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि मजदूर वर्ग की एकजुटता को देखते हुए मजदूरों को गुलाम बनाने वाली चार लेबर लेबर कोड तुरंत वापस ले. उन्होंने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल में देशभर में तीस करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. इस हड़ताल में संगठित और असंगठित क्षेत्रों, सार्वजनिक और निजी उद्यमों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, योजना कर्मियों आंगनबाड़ी, आशा, मिडडे मिल वर्कर्स और ग्रामीण मेहनतकशों की भारी भागीदारी देखी गयी. इस हड़ताल को भारत में सबसे बड़ी हड़तालों के रूप में याद किया जायेगा. कोयला और खनन क्षेत्र में, कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल, एनसीएल, एसईसीएल, एमसीएल, डब्ल्यूसीएल और एनईसी – के साथ-साथ सीएमपीडीआई इकाइयों में 83 प्रतिशत से अधिक हड़ताल भागीदारी दर्ज की गयी. निकाय चुनाव के चलते अचार संहिता लगने के बावजूद झारखंड के धनबाद, बोकारो और गिरिडीह में कोयला उत्पादन और प्रेषण बुरी तरह प्रभावित हुआ. सीसीएल के हेडक्वार्टर दरभंगा हाउस रांची में काम काज पूरी तरह ठप रहा. कोडरमा जिला में भी हड़ताल जबरदस्त रही. सीटू के नेतृत्व में मजदूर वर्ग ने बढ चढ़कर हिस्सा लिया. इसलिए सरकार को तुरंत चार लेबर कोड का नोटिफिकेशन रद्द कर देना चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि मज़दूरों के मुश्किल से जीते गए अधिकार सुरक्षित रहे.
मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस ले : सीटू
सफल आम हड़ताल के लिए मजदूर कर्मचारियों को बधाई देते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि मजदूर वर्ग की एकजुटता को देखते हुए मजदूरों को गुलाम बनाने वाली चार लेबर लेबर कोड तुरंत वापस ले
