इस बार राखी के त्योहार पर बन रहा है स्वास्थ्य सिद्धि योग
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वैष्णवी आश्रम गोहाल के आचार्य पंडित बसंत शास्त्रीजी महाराज ने बताया कि इस बार राखी के त्योहार पर स्वास्थ्य सिद्धि योग बन रहा है.
जयनगर. वैष्णवी आश्रम गोहाल के आचार्य पंडित बसंत शास्त्रीजी महाराज ने बताया कि इस बार राखी के त्योहार पर स्वास्थ्य सिद्धि योग बन रहा है. रक्षा बंधन पर 95 वर्ष बाद ऐसा संयोग बन रहा है. इससे पहले वर्ष 1930 में ऐसा यो बना था. उन्होंने बताया कि वैष्णवी गणना के अनुसार 1930 में नौ अगस्त को रक्षाबंधन के दिन, तिथि, नक्षत्र योग व ग्रह नक्षत्रों के चाल एक समान थे. दो शुभ योगों में रक्षा बंधन का त्योहार अत्यंत ही फलदायी है. रक्षाबंधन पर सूर्योदय के समय 5:47 बजे पूर्वाह्न से राखी बांधने का शुभ मुहुर्त शुरू हो रहा है, जो दोपहर तक रहेगा. इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है.
रक्षाबंधन के शुभ योग:
सौभाग्य योग: सुबह 5:47 बजे से 10 अगस्त को तड़के 02:15 बजे तक है, सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 05:47 बजे से दोपहर 02:23 बजे तक है, रक्षाबंधन के पूरे दिन के शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त: प्रात:काल 04:22 बजे से 05:04 बजे तक. प्रातः संध्या: प्रात:काल 04:43 बजे से 05:47 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 02:40 बजे से दोपहर 03:33 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 07:06 बजे से शाम 07:27 बजे तक, संध्या 07:06 बजे से रात 08:10 बजे तक, निशिता मुहूर्त देर रात 12:05 बजे से 12:48 बजे तक.रक्षाबंधन दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 07:27 बजे से 09:07 बजे तक. चर-सामान्य मुहूर्त दोपहर 12:26 बजे से दोपहर 02:06 बजे तक, लाभ-उन्नति मुहूर्त दोपहर 02:06 बजे से दोपहर 03:46 बजे तक. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 03:46 बजे से शाम 05:26 बजे तक,, रक्षाबंधन रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त. लाभ-उन्नति मुहूर्त शाम 07:06 बजे से रात 08:26 बजे तक, शुभ-उत्तम मुहूर्त रात 09:46 बजे से रात 11:06 बजे तक,, अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रात 11:06 बजे से देर रात 12:27 बजे तक. चर-सामान्य मुहूर्त देर रात 12:27 बजे से मध्य रात्रि 01:47 बजे तक, लाभ-उन्नति मुहूर्त 10 अगस्त को प्रात:काल 04:27 बजे से 05:48 बजे तक. रक्षाबंधन पर सूर्योदय का समय सुबह 05:47 बजे रक्षाबंधन पर सूर्यास्त का समय: शाम 07:06 बजे तक, रक्षाबंधन पर चंद्रोदय का समय: शाम 07:21 बजे तक. रक्षाबंधन के दिन राहुकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिये. रक्षाबंधन पर राहुकाल सुबह 09:07 बजे से सुबह 10:47 बजे तक है. इसे भाई बहन के प्रेम और बंधन के प्रतीक राखी को वैदिक पद्धति अनुसार बंधन भाई की लंबी स्वस्थ आयु और जीवनोपरांत तक रक्षा का एक अनूठा संकल्प लें.
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