अभियान में प्रधान जिला जज व अन्य. कोडरमा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा महिलाओं के विरुद्ध अपराध को लेकर चलाये जा रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया. इस अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं सुलभ न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा आमजन को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है. इस दौरान बुधवार को व्यवहार न्यायालय कोडरमा परिसर से एक व्यापक जागरूकता रैली (प्रभात फेरी) का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा रमाकांत मिश्रा ने किया. प्रभात फेरी को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज रमाकांत तिवारी ने कहा कि समाज में महिलाओं को उचित सम्मान दिया जाना आवश्यक है, ताकि महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य पूरा किया जा सके. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए कई कानून बनाये गये है. प्रभात फेरी के दौरान उपस्थित लोगों ने आम जानों को नि:शुल्क विधिक सहायता महिला एवं बाल अधिकार वृद्ध जनो के अधिकार साइबर अपराध नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण एवं केंद्र सरकार व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जागरूक किया. यह रैली व्यवहार न्यायालय परिसर से शुरू होकर कोडरमा बाजार के मुख्य मार्गो से गुजरते हुए पुनः व्यवहार न्यायालय में समाप्त हुई. मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकान्त मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अमितेष लाल, जिला जज तृतीय राकेश चंद्रा, अवर न्यायाधीश तृतीय सत्यभामा कुमारी, सचिव, प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी संध्या प्रसाद, मुंसिफ मिथिलेश कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ज्योत्सना पाण्डेय, न्यायाधीश प्रभारी विकास कुमार भगत, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी नमिता मिंज, स्थायी लोक अदालत की मेंबर कुमारी अनुपमा, ममता सिंह आदि मौजूद थे. उल्लेखनीय है कि यह 90 दिवसीय अभियान 23 जुलाई तक तीन चरणों में संचालित किया जायेगा.
महिलाओं को सम्मान दिलाना ही लक्ष्य : रमाकांत मिश्रा
महिलाओं को सम्मान दिलाना ही लक्ष्य : रमाकांत मिश्रा
