कोडरमा. जिले के जयनगर प्रखंड में अवस्थित गडियाई बिरहोर कॉलोनी से दस नाबालिग बिरहोर बच्चों के गायब होने के मामले को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने काफी गंभीरता से लिया है. उल्लेखनीय है कि जयनगर गडियाई बिरहोर कॉलोनी के दस बच्चे घर से भोज खाने की बात कह कर परसाबाद के लिए निकले थे, परन्तु घर वापस नहीं लौटे. सभी बच्चे पांच वर्ष से आठ वर्ष तक के उम्र के थे तथा उसमे लड़कियां भी शामिल थी. काफी खोज बीन के बाद पता नहीं चल पाने के कारण इसकी सूचना थाना को दी गयी. इस घटना की खबर अखबार में छपने के बाद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झालसा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा को तत्काल इन बच्चों के परिजनों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिये. इसे लेकर प्राधिकार कोडरमा के सचिव गौतम कुमार के नेतृत्व में प्राधिकार की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गायब हुए नाबालिग बच्चों के परिजनों से मिलकर उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने बिरहोर बच्चे के परिजनों को आश्वस्त किया कि जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं है, उनके आधार कार्ड बनाने, बच्चो का नामांकन विद्यालय में करने एवं उनके परिजनों को राज्य एवं केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में प्राधिकार के द्वारा आवश्यक पहल किए जाने का आश्वासन दिया. उन्होंने जयनगर के पीएलवी को इस दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश भी दिए. मौके पर न्यायालयकर्मी संतोष कुमार, जयनगर के पीएलवी शिव कुमार मोदी, चन्दन कुमार यादव आदि मौजूद थे.
बिरहोर बच्चों से मिले प्राधिकार के सचिव
जिले के जयनगर प्रखंड में अवस्थित गडियाई बिरहोर कॉलोनी से दस नाबालिग बिरहोर बच्चों के गायब होने के मामले को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने काफी गंभीरता से लिया है.
