संस्कार, हस्तशिल्प और सामाजिक शिक्षा से कराया अवगत

संस्कार, हस्तशिल्प और सामाजिक शिक्षा से कराया अवगत

झुमरीतिलैया. शिव तारा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय वार्षिक आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का तीसरा व चौथे दिन सामाजिक परिवर्तन, संस्कार और शारीरिक-मानसिक विकास पर चर्चा हुई. प्रशिक्षण वर्ग में 68 गांवों से आये आचार्यों ने सहभागिता की. अंचल अभियान प्रमुख रामनिवास पांडेय ने अपने सत्र में विद्यालयों में बच्चों को संस्कार, हस्तशिल्प और सामाजिक शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. वहीं अंचल प्राथमिक शिक्षा प्रशिक्षक अरविंद कुमार ने योग और खेल के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास की प्रक्रिया को समझाया. संध्या काल में प्रतिदिन सामूहिक रूप से भारत माता की आरती का आयोजन किया जा रहा है. नंदन ठाकुर अंचल गतिविधि प्रमुख ने सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर आचार्यों को जागरूक किया. अंचल कार्यालय प्रमुख ने रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सही ढंग से करने की विधि बतायी. आरती सत्र में अंचल प्राथमिक शिक्षा प्रभारी कुंज बिहारी त्रिवेदी ने भाग लेकर इसे “सशक्त, संगठित और समर्थ भारत ” के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास बताया. प्रशिक्षण वर्ग में संच प्रशिक्षक सरिता देवी (मरकच्चो) और पूजा वर्मा (नवलशाही) ने अपने विचार रखे. इस दौरान आरती सत्र में छोटी छोटी गईया, छोटे छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरे मदन गोपाल…ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया. प्रशिक्षण वर्ग में लक्ष्मी देवी, बबीता देवी, पिंकी देवी, ज्योति कुमारी, सरस्वती देवी, राखी देवी, कंचन कुमारी, मधु कुमारी, शिम्पी कुमारी, आरती देवी, पूजा कुमारी, निशा कुमारी, सपना कुमारी, खुशबू कुमारी, प्रिया कुमारी, सिमरन कुमारी, इंद्रा कुमारी आदि के नाम शामिल हैं.

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Published by: Saroj tiwary

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