पालतू कुत्तों व बिल्लियों के लिए कराना होगा रजिस्ट्रेशन

राज्य के शहरी क्षेत्र में रहनेवाले लोगों को अब पालतू कुत्तों और बिल्ली का पंजीकरण कराना होगा.

झुमरीतिलैया. राज्य के शहरी क्षेत्र में रहनेवाले लोगों को अब पालतू कुत्तों और बिल्ली का पंजीकरण कराना होगा. सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान मामले में दिये गये आदेश के बाद शहरी निकायों ने आम सूचना जारी कर लोगों को दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है. झुमरीतिलैया नगर परिषद की ओर से निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है. सिटी मैनेजर लेमांशु कुमार ने सोमवार को बताया कि शीघ्र ही इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. किसी एजेंसी को इसके लिए अधिकृत किया जायेगा. शहर में दो फिडिंग जोन खाना खिलाने के लिए मडुआटांड़ और ब्लॉक मैदान में बनाया जायेगा. इधर, रांची के चिकित्सक डॉ अवधेश सेठ ने बताया कि स्नेहा एनिमल सोसायटी के द्वारा रांची में 2007 से ही कुत्तों के प्रति कार्य किया जा रहा है. अब तक सात लाख सर्जरी की जा चुकी है. दूरभाष पर उन्होंने बताया कि किसी शहर में एक लाख आबादी में लगभग सात प्रतिशत कुत्तों की संख्या होती है. झुमरीतिलैया शहर में लगभग प्रतिशत कुत्ते हैं. आनेवाले दिनों में झुमरीतिलैया में भी डॉग के प्रति जागरूकता कार्यक्रम के साथ सात दिनों के लिए कुत्तों को हॉस्पीटल में रखने की प्रक्रिया की जायेगी. इस दौरान फिमेल का सात दिन और मेल का पांच दिन में बंध्याकरण ऑपरेशन किया जायेगा. सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले में दिये गये आदेश के बाद शहरी निकायों ने आम सूचना जारी कर लोगों को दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है. इन पशुओं को पालनेवालों को नगर निकायों में जाकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. नगर विकास विभाग के निर्देश के बाद झुमरीतिलैया नगर परिषद आम सूचना जारी करने में जुटा है. बताया जाता है कि नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि जो लोग पंजीकरण नहीं करायेंगे, उन पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 के तहत कार्रवाई की जाये. आम नागरिकों के लिए पंजीकरण शुल्क 100 रुपये एवं व्यवसायिक व प्रजनन के लिए 1000 रुपये निर्धारित की गयी है. पंजीकरण कराने के समय मालिकों को अपना पहचान पत्र, टीकाकरण प्रमाण पत्र, जीव का फोटो लाना होगा. शीर्ष कोर्ट दे चुका है आदेश: बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने देश में बढ़ रहे आवारा कुत्तों द्वारा बच्चों और बड़ों को काटे जाने की घटनाओं में वृद्धि को खतरनाक बताया है. उच्चतम न्यायालय ने इस पर अपनी चिंता जताते हुए राज्यों को आदेश दिया है कि सभी संस्थागत स्थलों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाया जाये. अदालत ने आदेश दिया है कि सभी राज्यों के मुख्य सचिव न्यायालय को अनुपालन की रिपोर्ट देंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >