कोडरमा. बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत शनिवार को एसोसिएशन फॉर वोलेंट्री एक्शन के तत्वावधान में जिले के मरकच्चो, डोमचांच, सतगावां, चंदवारा व कोडरमा प्रखंड के गांवों में पदयात्रा एवं जन-जागरूकता मार्च का आयोजन किया गया. रतिथम्बाई, बसधारवा, पूरनानगर, दसारोकला, दसारोखुर्द, देवीपुर, राजारायडीह, तेलोडीह, काराखुट, ढोढाकोला, बसवरिया सहित अन्य गांवों में निकाले गये इन मार्चों में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं किशोरियों ने भाग लेकर बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया. इस दौरान बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ दिलायी गयी. मार्च के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों ने तख्तियों एवं पोस्टरों के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. मौके पर मुन्नी देवी ने बताया कि इस जन-जागरूकता पहल को सभी धर्मों एवं समुदायों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे सामाजिक समरसता के साथ बाल विवाह के खिलाफ एकजुटता का स्पष्ट और सशक्त संदेश सामने आ रहा है. सरस्वती देवी ने कहा कि जिस तरह से इस अभियान में महिलाओं और किशोरियों की भागीदारी हो रही है, उससे यह स्पष्ट है कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर समुदाय में जिम्मेदारी, सतर्कता एवं समय पर हस्तक्षेप की संस्कृति को मजबूत कर रहा है. संस्था के जिला समन्वयक मनोज कुमार ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ किया जाने वाला सबसे बड़ा अन्याय है और यह कानूनन गंभीर अपराध है. इसे रोकना केवल प्रशासन की की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है.
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